छत्तीसगढ़

दिव्यांग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विवाद, दिव्यांग प्रतिनिधि को हटाए जाने पर तीखी प्रतिक्रियाएँ

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सूरजपुर ।  रंगमंच मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस कार्यक्रम में बुधवार को एक अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो गई। दिव्यांग संघ के जिला उपाध्यक्ष सोनू साहू अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मंच के समीप जाने से रोक दिया। इसके बाद युवक ने कार्यक्रम स्थल पर ही विरोध शुरू कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। नारेबाजी बढ़ने पर एसडीम  और पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।

दिव्यांग सम्मान कार्यक्रम में ही दिव्यांग को रोके जाने से नाराज़गी

जिस कार्यक्रम में दिव्यांगों के सम्मान की बात कही जा रही थी, वहीं अपनी समस्याएँ बताने पहुँचे दिव्यांग प्रतिनिधि को रोक दिए जाने की घटना पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान युवक को हटाने की जल्दबाज़ी में प्रशासनिक कर्मचारियों ने उसे दबाव में बाहर ले जाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।


कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था भी बनी चर्चा का विषय

राज्य स्तरीय आयोजन होने के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाएँ कमजोर नजर आईं।
मंच के सामने और आसपास अव्यवस्थित सामग्री व भीड़ नियंत्रण को लेकर स्पष्ट कमियाँ दिखीं, जिन्हें लेकर उपस्थित लोगों ने असंतोष जताया।

दिव्यांग युवक को थाने ले जाने पर कांग्रेस का विरोध

विरोध के बाद युवक को पुलिस ने थाने ले जाकर पूछताछ की।
सूचना मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष संजय डोसी, किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष विमलेश तिवारी, मेहंदी यादव सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता थाने पहुँचे।

थाने में बातचीत के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर लिखा—  “दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगों की समस्याएँ सुनने के बजाय उन्हें कार्यक्रम से हटाकर थाने ले जाना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।” कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बाद युवक को शाम लगभग 7 बजे छोड़ दिया गया।

सम्मान दिवस पर सम्मान या उपेक्षा?

घटना के बाद यह सवाल चर्चा में रहा कि
दिव्यांग दिवस का उद्देश्य वास्तव में सम्मान था या असल समस्याओं को नज़रअंदाज़ करना?

दिव्यांग प्रतिनिधि को मंच तक न पहुँचने देना,
विरोध पर तुरंत बल प्रयोग जैसी कार्रवाई,
और कार्यक्रम स्थल की अव्यवस्था

इन सबने आयोजन की तैयारी और प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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