
राउरकेला, 29 जनवरी। राउरकेला नगर पालिका के पूर्व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (सेवानिवृत्त) रामनाथ दास को सतर्कता भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया है। ओडिशा सतर्कता विभाग द्वारा दर्ज प्रकरण में अदालत ने सरकारी धन के गबन और अभिलेखों में हेराफेरी के आरोपों को प्रमाणित माना है।
सरकारी निधि के गबन और फर्जी भुगतान का सिद्ध हुआ आरोप
जांच में यह सामने आया कि आरोपी रामनाथ दास ने राउरकेला नगर पालिका में पदस्थ रहते हुए सरकारी अभिलेखों में हेरफेर की। उन्होंने गैर-चिकित्सा कर्मचारियों को गलत तरीके से भुगतान दर्शाकर सरकारी राशि का गबन किया। इस मामले में उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) व 13(1)(सी) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 477-ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
विशेष सतर्कता न्यायालय ने सुनाई दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा
सुनवाई पूरी होने के बाद माननीय विशेष न्यायाधीश, सतर्कता, सुंदरगढ़ ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने रामनाथ दास को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि लोक सेवकों द्वारा किए गए इस प्रकार के कृत्य जनहित और शासन व्यवस्था दोनों के लिए घातक हैं।
दोषसिद्धि के बाद पेंशन रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगा सतर्कता विभाग
ओडिशा सतर्कता विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषसिद्धि के बाद अब राउरकेला नगर पालिका के पूर्व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रामनाथ दास की पेंशन रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी से संपर्क किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।




