छत्तीसगढ़

ओडिशा सतर्कता की बड़ी कार्रवाई: सरकारी धन गबन में एक गिरफ्तार, दो मामलों में अधिकारियों को सजा

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ओडिशा, 29 जनवरी। ओडिशा सतर्कता विभाग ने सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अलग-अलग सतर्कता (DA और भ्रष्टाचार) मामलों में दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई है। इन कार्रवाइयों से राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।


फसल बीमा योजना में 19.80 लाख रुपये के गबन का मामला, सेवा सहकारी समिति का पूर्व सचिव गिरफ्तार

भोगराई ब्लॉक, जिला बालासोर के अंतर्गत दाहुंडा सेवा सहकारी समिति में फसल बीमा योजना के तहत सरकारी धन के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। ओडिशा सतर्कता विभाग ने आज 29 जनवरी 2026 को श्री सुबल कुमार साहू, पूर्व सचिव (सेवा से बर्खास्त), दाहुंडा सेवा सहकारी समिति को गिरफ्तार किया।


रिकॉर्ड में हेरफेर कर अयोग्य सदस्यों को लाभ पहुंचाने का आरोप

सतर्कता विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान आरोपी ने आधिकारिक अभिलेखों में हेरफेर कर फसल बीमा योजना के तहत अयोग्य सदस्यों को लाभ पहुंचाया और 19,80,255 रुपये के सरकारी धन का गबन किया। इस मामले में बालासोर सतर्कता थाना में केस नंबर 3/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी को विशेष सतर्कता न्यायाधीश, बालासोर की अदालत में पेश किया गया, जबकि मामले की जांच जारी है।


आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व ड्रग्स इंस्पेक्टर को तीन साल की सजा

दूसरे मामले में ओडिशा विजिलेंस ने बोलांगीर के पूर्व ड्रग्स इंस्पेक्टर श्री तुतिका वासुदेव राव (सेवानिवृत्त) को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में दोषी सिद्ध किया है। 29 जनवरी 2026 को माननीय विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, बरहामपुर ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(e) के तहत दोषी ठहराया।


तीन वर्ष की साधारण कैद और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने का आदेश

अदालत ने श्री तुतिका वासुदेव राव को तीन वर्ष की साधारण कैद और 1,50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सजा के बाद अब उनकी पेंशन रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी से संपर्क किया जाएगा। इस मामले की जांच श्री आर.के. कानूनगो, पूर्व इंस्पेक्टर, विजिलेंस, संबलपुर डिवीजन ने की थी, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से स्पेशल पीपी और एपीपी ने संयुक्त रूप से पैरवी की।


राउरकेला नगर पालिका में फर्जी भुगतान और गबन का पुराना मामला, पूर्व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक दोषी

तीसरे मामले में राउरकेला नगर पालिका के पूर्व मल्टी-पर्पस हेल्थ सुपरवाइजर श्री रामनाथ दास (सेवानिवृत्त) को विजिलेंस भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया है। ओडिशा विजिलेंस द्वारा उनके खिलाफ वर्ष 1999 से 2001 के बीच सरकारी धन के गबन, आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर और एनएमआर कर्मियों को फर्जी भुगतान दिखाने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई थी।


दो साल की कठोर कारावास की सजा, पेंशन रोकने की तैयारी

माननीय विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, सुंदरगढ़ ने श्री रामनाथ दास को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। सतर्कता विभाग ने बताया कि सजा के बाद अब उनकी पेंशन रोकने के लिए भी सक्षम अधिकारी से संपर्क किया जाएगा। इस मामले की जांच श्री संतोष कुमार मिश्रा, पूर्व डीएसपी, विजिलेंस, बरहामपुर डिवीजन ने की थी, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से स्पेशल पीपी ने अदालत में पक्ष रखा।


भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग का सख्त संदेश

लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि ओडिशा सतर्कता विभाग सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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