
चक्रधरपुर। हतनातोडांग गांव में पारंपरिक आस्था और उल्लास के साथ मागे पर्व मनाया गया। इस अवसर पर समाजसेवी विजय सिंह गागराई विशेष रूप से शामिल हुए, जिनका ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
पूजा-अर्चना और सामूहिक नृत्य से गूंजा अखड़ा
मागे पर्व की शुरुआत गांव के दियुरी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक अखड़ा में एकत्र होकर सामूहिक नृत्य किया, जिसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नृत्य में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और उल्लासपूर्वक पर्व का आनंद लिया।
ग्रामीणों को दी गई शुभकामनाएं
इस अवसर पर विजय सिंह गागराई ने सभी को मागे पर्व की शुभकामनाएं दीं और आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति व परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया।
समारोह में ये प्रमुख लोग रहे शामिल
कार्यक्रम में दियूरी मंगता सामाड, ग्रामीण मुंडा मनकी सामाड, सोंगा सामाड, संजीव गागराई, लक्ष्मी पड़ेया, सलवंती सामाड, डाकुवा पतोर सामाड, वीरसिंह सामाड, मंगल सिंह गागराई, महेश सामाड, वीरसिंह हासदा, लक्ष्मण हासदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मागे पर्व झारखंड और छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों के बीच मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें लोग एकजुट होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रकृति और पूर्वजों को नमन करते हैं।