जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध धान परिवहन पर शिकंजा, 3 वाहनों से 84 क्विंटल धान जब्त

जशपुर। छत्तीसगढ़ में चालू धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर जशपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के फरसाबहार, तुमला थाना और चौकी पंडरापाठ क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने दो पिकअप वाहन और एक ट्रैक्टर से कुल 84 क्विंटल धान जब्त किया है। जब्त धान की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 93 हजार 200 रुपये बताई जा रही है।
उड़ीसा से लाया जा रहा था धान, चालक वाहन छोड़कर फरार
थाना तुमला क्षेत्र में 16–17 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1.30 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हाथीबेड़ के ग्रामीण मार्ग पर नाकाबंदी की। इस दौरान उड़ीसा की ओर से आ रहे बिना नंबर के संदिग्ध पिकअप को देख चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। तलाशी में पिकअप से त्रिपाल में ढंका 60 बोरी धान (24 क्विंटल) बरामद किया गया।
इसी तरह थाना फरसाबहार क्षेत्र में सुबह करीब 7.30 बजे धौरा सांड जंगल में पिकअप वाहन क्रमांक OD-16-A-4175 को पकड़ा गया। यहां भी चालक पुलिस को देख वाहन छोड़कर भाग गया। तलाशी में 50 बोरी धान (20 क्विंटल) मिला। दोनों ही मामलों में धान और वाहन को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। पुलिस वाहन मालिकों की जानकारी जुटा रही है।
दूसरे के टोकन पर धान खपाने की कोशिश, ट्रैक्टर पकड़ा
चौकी पंडरापाठ क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान ग्राम सुलेसा के पास पुलिस ने एक ट्रैक्टर को रोका, जिसमें भारी मात्रा में धान लदा था। पूछताछ में चालक नारायण राम (43 वर्ष) ने धान से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या टोकन प्रस्तुत नहीं किए। संदेह के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर क्रमांक CG-14-MS-4571 से 100 बोरी में भरा करीब 40 क्विंटल धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंप दिया।
अब तक 41 वाहनों से 2,422 क्विंटल धान जब्त
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि अवैध धान परिवहन और बिचौलियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक जिले में 41 वाहनों से कुल 2,422 क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है। सीमावर्ती रास्तों पर नाकाबंदी, संदिग्ध इलाकों में पेट्रोलिंग और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर पुलिस सख्ती से निगरानी कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से धान खपाने की कोशिश करने वाले बिचौलियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।




