नक्सल मुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम: जटवर में वर्ष 2026 का पहला सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित

नारायणपुर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने नक्सल मुक्त भारत एवं नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र के ग्राम जटवर में वर्ष 2026 का पहला सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है। यह कैंप थाना कोहकामेटा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान कुल 27 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए थे। इनमें नक्सलियों की अघोषित राजधानी माने जाने वाले कुतुल सहित कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, कोडनार, आदिनपार और मन्दोड़ा शामिल हैं। जटवर कैंप वर्ष 2026 में स्थापित होने वाला पहला कैंप है।
‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत खोले गए इस नवीन कैंप की स्थापना का उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती देना, कोहकामेटा–कच्चापाल–परियादी एक्सिस में सड़क निर्माण कार्यों को सुरक्षा प्रदान करना और विकास कार्यों को गति देना है। 9 जनवरी 2026 को स्थापित यह कैंप नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 54 किलोमीटर, थाना कोहकामेटा से 26 किलोमीटर, कच्चापाल से 17 किलोमीटर और कोडनार से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
नवीन कैंप की स्थापना से आसपास के ग्राम कोगाली, वारापिद्दा, वडापेंदा, करकाबेड़ा, गुरगापदर, घमण्डी और जटवर में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है। साथ ही सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब सुरक्षा बलों की निगरानी में विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में तेजी आएगी।
इस अभियान में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर तथा बीएसएफ की 86वीं, 178वीं, 83वीं और 133वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संचालित यह प्रयास नक्सल मुक्त, सुरक्षित और सशक्त बस्तर के निर्माण की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।




