सारंडा में बदला माहौल: बिटकलसोय सीआरपीएफ कैंप में जवानों और ग्रामीणों ने साथ मनाया नववर्ष.

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सारंडा के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र अंतर्गत बिटकलसोय गांव 
स्थित सीआरपीएफ कैंप में जवानों और ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर नववर्ष का आगमन उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया .इस अवसर पर सीआरपीएफ के जवानों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाच-गान कर एकता और विश्वास का संदेश दिया.जवानों ने न केवल ग्रामीणों के उत्सव में भागीदारी निभाई, बल्कि उनके साथ पारंपरिक नृत्य कर खुशी साझा की.

नववर्ष समारोह के दौरान सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों को आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. जवानों की ओर से ग्रामीणों के लिए विभिन्न प्रकार के भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई, जिससे उत्सव का माहौल और भी उल्लासपूर्ण हो उठा.

इस अवसर पर गांव के छोटे-छोटे बच्चों के चेहरों पर भी मुस्कान देखने को मिली, जब सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें चॉकलेट ,बिस्कुट और मिठाइयां वितरित कीं.बच्चों की खुशी ने पूरे आयोजन को भावनात्मक और यादगार बना दिया.

कार्यक्रम में सीआरपीएफ बटालियन संख्या 134 के जवानों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सारंडा जैसे अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह का खुशी भरा माहौल यह संकेत देता है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नक्सलवाद का अंत तय है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य, शिक्षा या किसी भी प्रकार की समस्या में सीआरपीएफ हर समय ग्रामीणों के साथ खड़ी है.

इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, सीआरपीएफ के अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे.नववर्ष का यह आयोजन सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास और बदलते सारंडा की तस्वीर को साफ तौर पर दर्शाता है.

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