जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही में अवैध धान खपाने की आशंका, प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते नजर आ रहे हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बीते कुछ समय से रात के अंधेरे में बड़ी मात्रा में धान को चोरी-छिपे एक वाहन से दूसरे वाहन में स्थानांतरित किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि प्रतिदिन रात के समय लगभग लाखों रुपये मूल्य के धान को मंडियों के आसपास उतारने की गतिविधियाँ देखी गई हैं, जिसे बाद में स्थानीय किसानों के धान के रूप में खपाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि धान की खरीदी से पहले स्रोत की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे न केवल शासन को आर्थिक क्षति हो सकती है, बल्कि वास्तविक किसानों के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

एक ओर जहां राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसी शिकायतें व्यवस्था की निगरानी और क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों और आशंकाओं को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच करता है और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।




