छत्तीसगढ़

बरमकेला में धान खरीदी ने पकड़ा जोर, रिकॉर्ड उठाव से किसानों में खुशी की लहर

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बड़े नावापारा सेवा सहकारी समिति बनी मिसाल, पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

बरमकेला (छत्तीसगढ़)।
बरमकेला ब्लॉक में धान खरीदी व्यवस्था ने इस खरीफ सीजन रफ्तार पकड़ ली है। सेवा सहकारी समिति बड़े नावापारा में तेज, सुव्यवस्थित और पारदर्शी धान खरीदी के चलते किसानों के चेहरों पर संतोष और राहत साफ झलक रही है। रिकॉर्ड खरीदी से न सिर्फ लक्ष्य की दिशा में मजबूती आई है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति किसानों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

70 हजार क्विंटल लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ती खरीदी
सेवा सहकारी समिति बड़े नावापारा क्षेत्र में कुल 1149 पंजीकृत किसान हैं। इस वर्ष लगभग 70 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक करीब 36 हजार क्विंटल धान की खरीदी पूरी हो चुकी है, जिसमें लगभग 560 किसान अपनी उपज विक्रय कर चुके हैं। यह आंकड़े खरीदी व्यवस्था की सफलता और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

शासन की गाइडलाइन के तहत पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया
धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया समिति अध्यक्ष एवं प्रशासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी की सतत निगरानी में संचालित हो रही है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार तौल, पंजीयन, भुगतान और भंडारण की व्यवस्था को पारदर्शी रखा गया है। समय पर तौल और स्पष्ट प्रक्रिया के कारण किसानों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

कलेक्टर की सख्ती से अनियमितताओं पर नियंत्रण
धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए कलेक्टर संजय कन्नौजे स्वयं लगातार खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वे व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि किसानों के हितों से कोई समझौता न हो। प्रशासनिक सख्ती का असर यह है कि जिले में धान खरीदी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।

किसानों का बढ़ा विश्वास, व्यवस्था पर संतोष
सेवा सहकारी समिति बड़े नावापारा में बेहतर प्रबंधन के चलते किसानों में शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास और गहरा हुआ है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया पहले से अधिक सरल, तेज और पारदर्शी है। न तो अनावश्यक देरी हो रही है और न ही कटौती या अव्यवस्था की शिकायत सामने आ रही है।

कुल मिलाकर बरमकेला ब्लॉक में धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए राहत और भरोसे का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई है। प्रशासन की सतर्कता, समिति की सक्रियता और शासन की स्पष्ट नीति के चलते धान खरीदी अपने लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, जिससे आने वाले दिनों में शेष किसानों को भी अपनी उपज का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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