छत्तीसगढ़

आदिवासी युवाओं को दिया गया डिजिटल स्टोरीटेलिंग का प्रशिक्षण

Advertisement

आदिवासी युवाओं को रोजगार देने“आदिवासी लाइव्स मैटर” द्वारा आयोजित  महत्वपूर्ण प्रशिक्षण

गौरेला पेंड्रा मरवा “आदिवासी लाइव्स मैटर” द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए 50 से अधिक आदिवासी युवाओं को डिजिटल स्टोरीटेलिंग का प्रशिक्षण दिया गया।


इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आदिवासी समुदाय के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और समकालीन मुद्दों को डिजिटल दुनिया तक पहुँचाना था। यह तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 22 दिसंबर से 24 दिसम्बर 2025 तक झिरनापोड़ी, नरौर, मरवाही (छत्तीसगढ़) में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

इस दौरान प्रतिभागियों को लेखन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण तथा प्रभावशाली डिजिटल उपस्थिति स्थापित करने की तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि किस प्रकार वे डिजिटल कंटेंट के माध्यम से आर्थिक अवसर विकसित कर सकते हैं, ताकि वे अपनी रचनात्मकता और कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।



इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की आवाज़ को सशक्त बनाना और उनकी समृद्ध संस्कृति व पारंपरिक ज्ञान को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने प्रभावी लेखन और कहानी कहने की कला सीखी। साथ ही, उन्होंने दृश्य माध्यमों के ज़रिये अपनी संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की बारीकियों को भी समझा।

सोशल मीडिया के लिए प्रभावी कंटेंट तैयार करने, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाने और कंटेंट के ज़रिये रोज़गार व आय के संभावित मार्गों को समझने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

प्रशिक्षण के अंतिम दिन की शुरुआत PESA दिवस मनाकर की गई, जिसमें जीवन सिंह और मनीष सिंह धुर्वे ने प्रशिक्षुओं को PESA अधिनियम की जानकारी दी और ग्राम सभा की भूमिका व अधिकारों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सरपंच रीता बघेल, जीवन सिंह और मनीष सिंह धुर्वे (जिला अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं राहुल हेंब्रम, तुम्लेश नेती और योगेश तेकाम के प्रशिक्षक नेतृत्व में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

“आदिवासी लाइव्स मैटर” की यह पहल निश्चित रूप से डिजिटल युग में आदिवासी युवाओं को आवाज़, पहचान और आजीविका तीनों स्तरों पर सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है, जो उनकी समृद्ध विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button