छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में लोक, सूफी और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम

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बिलासपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव के मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुत हुईं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। संगीत, लोकधुनों और सूफियाना अंदाज़ से सजे इस आयोजन में युवाओं के साथ-साथ हर आयु वर्ग के दर्शकों में खासा उत्साह रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वप्निल बैंड की शानदार और ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। बैंड ने देशभक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को देशभक्ति भावना से भर दिया। बैंड द्वारा प्रस्तुत वंदेमातरम्, छाप तिलक और तेरी दीवानी  जैसे लोकप्रिय गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। विशेष रूप से गीतकार राकेश शर्मा के गीतों ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया।

सुप्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की भावनात्मक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने मैया… जसगीत, जय श्री राम, सुआ गीत और पंथी, पचरा गीत की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दियाउनकी गायकी में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, आस्था और परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। पंथी गीत पर दर्शकों ने विशेष उत्साह दिखाया और तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया,युवा उनके गीतों पर झूमते नजर आए।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए काफिला बैंड ने अपने सूफियाना गीतों की प्रस्तुति से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। सूफी संगीत की गहराई और भावनात्मकता ने श्रोताओं को आत्मिक शांति का अनुभव कराया। बैंड की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं, बस्तर बैंड ‘दायरा’ की जोशीली और दमदार प्रस्तुति ने  दर्शकों को उत्साह से भर दिया। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के मिश्रण से सजी उनकी प्रस्तुति पर युवा दर्शक खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। बस्तर अंचल की सांस्कृतिक छाप लिए इस प्रस्तुति ने युवाओं को उत्साहित किया।

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