सुंदरगढ़ : ओडिशा के औद्योगिक जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, 9 यूनिट्स बंद

ओडिशा का सुंदरगढ़ ज़िला, जो देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शुमार है, एक बार फिर चर्चा में है। लौह अयस्क, चूना पत्थर और कोयले जैसे समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित यहां की उद्योग जगत में राउरकेला स्टील प्लांट (RSP), NSPCL, NTPC दर्लीपाली, डालमिया सीमेंट और JSW जैसे बड़े संयंत्र संचालित हैं। जिले में कुल 17 ‘लाल श्रेणी’ उद्योगों में से लगभग 7 इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं, जबकि 45 स्पंज आयरन इकाइयाँ कलुंगा, कुआरमुंडा, राजगांगपुर और बोनाई जैसे औद्योगिक क्लस्टरों में चल रही हैं।
इसी बीच राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) ने जिले में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के पालन को लेकर सख़्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने बताया कि सभी औद्योगिक इकाइयों के पास संचालन के लिए वैध ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ होना अनिवार्य है, जिसके तहत चिमनियों पर इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर, बैग फ़िल्टर और उत्सर्जन नियंत्रण से जुड़े अन्य उपकरणों की नियमित जाँच की जाती है।
स्पंज आयरन इकाइयों में वास्तविक समय प्रदूषण निगरानी के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) और स्टैक एमिशन की लाइव मॉनिटरिंग के लिए IP कैमरे भी अनिवार्य रूप से लगाए गए हैं। किसी भी नियम उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस, व्यक्तिगत सुनवाई और यूनिट बंद करने तक की कार्रवाई की जाती है।
पिछले कुछ महीनों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने
58 कारण बताओ नोटिस,
8 औद्योगिक इकाइयों को वॉटर और एयर एक्ट के तहत निर्देश,
और हाल ही में 9 उद्योगों को बंद करने के नोटिस जारी किए हैं।
इसके अलावा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने भी जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 18(1)(बी) के तहत राउरकेला स्टील प्लांट को निर्देश जारी किए हैं।
राउरकेला में हवा की गुणवत्ता बनी बेहतर
राउरकेला में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (NAAQM) के तहत चार स्टेशनों पर निगरानी की जा रही है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में शहर का AQI “अच्छा” (1–50) और “संतोषजनक” (51–100) श्रेणी में दर्ज किया गया है। ये आंकड़े राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर नियमित रूप से उपलब्ध हैं।
लगातार निगरानी की व्यवस्था
सुंदरगढ़ जिले की औद्योगिक इकाइयाँ रूटीन और सरप्राइज़ निरीक्षण, रियल-टाइम उत्सर्जन मॉनिटरिंग सिस्टम, IP कैमरों और कंसेंट एडमिनिस्ट्रेशन मैकेनिज़्म के जरिए लगातार निगरानी में हैं। एसपीसीबी का कहना है कि अनुपालन और दंडात्मक कार्रवाई एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसे आगे और मज़बूत बनाया जा रहा है।




