युक्तियुक्तकरण से शिक्षा स्तर में होगा सुधार

शिक्षकविहीन स्कूलों को मिले अब नियमित शिक्षक
छात्रों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
बलरामपुर । राज्य शासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुव्यवस्थित करने युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सके। जिले में शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय स्कूलों में अतिशेष शिक्षकांे को ओपन काउंसलिंग कर पदस्थापना की गई।
जिले में 14 प्राथमिक शाला शिक्षकविहीन थे, जिसमें बलरामपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला महराजगंज, शंकरगढ़ अंतर्गत दोहना, रामचन्द्रपुर अंतर्गत जोगनीपारा, इन्द्रापुर, लावा, केवली, औरंगा, पीपरपान, सुन्दरपुर, परसाखाड़, औराझरिया, वाड्रफनगर के खैरगांव, टोलकुपारा, जरहाटोला शामिल थे। इन विद्यालयों में भी युक्तियुक्तकरण के तहत अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना कर पद की पूर्ति कर दी गई है।
वर्तमान में जिले में एक भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। पहले जहां इन स्कूलों में संलग्नीकरण के माध्यम से शिक्षकों की कमी पूरी कर बच्चों को अध्यापन कराया जाता था। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकों की पूर्ति की गई है, अब बच्चों को नियमित रूप से विषयवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी एवं ड्रॉप आउट में कमी आयेगी।
युक्तियुक्तकरण के तहत स्कूलों को बंद नहीं बल्कि समयोजन किया जा रहा है। जिले में 04 स्कूल जिनमें छात्रों की संख्या 10 से कम थी उनका समायोजन किया गया है। इससे शिक्षा की गुणवता और संसाधनों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण हो जाने से विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश लेना नहीं पड़ेगा। साथ ही विद्यालयों में प्रशासनिक कसावट आएगी। छात्र, शिक्षक का अनुपात संतुलित होगा। विद्यालयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी एवं शिक्षा के स्तर में एकरूपता आएगी।




