
रायगढ़ : शहर में सट्टा-पट्टी और जुए का काला कारोबार अपने चरम पर है। गली-मोहल्लों से लेकर बाकायदा बैंक ऑफ की तर्ज पर चल रहा यह गैरकानूनी धंधा अब शहर की शांति और व्यवस्था के लिए खतरा बन गया है। इस्तीगर के खाईवाल बिना किसी डर के बड़े पैमाने पर जुआ खिलवा रहे हैं, और हैरानी की बात यह है कि पुलिस और प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

वही शहर से सेट पुसौर छेत्र में भी बेखौफ चल रहा जुआ का कारोबार पर पुलिस आखिर क्यों है मेहरबान? इसी गंभीर मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव आयोग, रायगढ़ ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है।
आयोग ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं कसी गई, तो संगठन बड़े स्तर पर उग्र धरना प्रदर्शन करेगा। आयोग का कहना है कि यह कारोबार न केवल सामाजिक बुराई को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि युवाओं और गरीब तबके को आर्थिक रूप से बर्बाद कर रहा है।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सट्टा और जुआ के इस खेल ने कई परिवारों को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन की चुप्पी के पीछे का कारण क्या है? क्या रायगढ़ पुलिस इस काले कारोबार को रोक पाएगी, या फिर आयोग को अपने वादे के मुताबिक सड़कों पर उतरना पड़ेगा?
फिलहाल, शहरवासियों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना बाकी है कि क्या कानून का डंडा इन बेखौफ खाईवालों पर चलेगा, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।




