करोडों का धान गायब होना सामान्य क्षति नहीं बल्कि सुनियोजित घोटाला — अरुण गुप्ता

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने शासन की निगरानी प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने साय सरकार पर करोड़ों के धान घोटाले का आरोप लगाया है।ऐसा ही मामला रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक से सामने आने के बाद कांग्रेस नेता अरुण गुप्ता ने एक बयान जारी कर कहा है कि सरकार ने धान खरीदी और भंडारण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है,जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। गुप्ता ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वे धान घोटाले को छिपाने के लिए चूहों को दोषी ठहरा रहे हैं।
अरुण गुप्ता ने कहा कि यह सामान्य क्षति नहीं,बल्कि एक सुनियोजित घोटाला है।यदि चूहे ही इसके जिम्मेदार हैं,तो गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था,निगरानी प्रणाली और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई ?उन्होने इस मामले में पीसीसी के उच्चस्तरीय जांच की मांग का समर्थन किया है।
वरिष्ठ नेता अरुण गुप्ता ने बताया कि कवर्धा जिले में 7 करोड़ रुपये का धान गायब हुआ है,जबकि महासमुंद जिले में 5 करोड़ रुपये का धान सूख गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।कांग्रेस नेता के मुताबिक सरकार ने सार्वजनिक तौर पर यह दावा किया कि गोदामों में रखा धान चूहे खा गए,जबकि करोड़ों रुपए के धान का गायब होना गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय लापरवाही की ओर इशारा करता है।
अरुण गुप्ता का कहना है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े तंत्र में गंभीर खामियां हैं,जिनका लाभ उठाकर धान की हेराफेरी की गई।गुप्ता का आरोप है कि जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और इसी कारण अब तक किसी बड़े अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।कांग्रेस नेता ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अरुण गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार के पास अपने दावों के समर्थन में ठोस तथ्य हैं,तो स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने से क्यों बचा जा रहा है ? उन्होने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के बयानों पर तुरंत जांच एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं,लेकिन इतने बड़े घोटाले पर चुप्पी साधी हुई है।धान किसानों की मेहनत की कमाई है। इसे चूहे खा गए कहना भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास है।उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।




