हरियाणा के बाद उत्तराखंड बना दुसरा राज्य जहां अर्ध सैनिक कल्याण परिषद के गठन हेतु शासनादेश जारी

अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को दिया धन्यवाद।
अलॉइंस महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी आदेश नए साल का बौन्नजा है। ये एक लम्बे चले संघर्ष का सुखद परिणाम है जहां तक उत्तराखंड राज्य में अर्धसैनिक बलों के परिवारों की नफरी का सवाल है सेना से कहीं ज्यादा है।


ज्ञातव्य रहे कि दिनांक 3 दिशंबर 2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ काठगोदाम में आयोजित पूर्व अर्धसैनिकों के सम्मेलन में की गई थी। उस वक्त माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि मैं भी एक सैनिक का बेटा हूं मुझे अच्छी तरह पता है आपकी कठिनाइयों के बारे में साथ ही उन्होंने अर्धसैनिकों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप भूतपूर्व नहीं बल्कि अभूतपूर्व हैं समस्त राष्ट्र आपके द्वारा दी गई सर्वोच्च सेवाओं का हमेशा ऋणी रहेगा।

माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी अपने 5 जनवरी शासनादेश में प्रमुख तौर पर तीन बिंदुओं को सम्माहित किया गया। पहला राज्य में फिर से अर्धसैनिक कल्याण परिषद को क्रियाशील किया जाएगा साथ ही परिषद के पुलिस मुख्यालय में एक कार्यालय कक्ष आबंटित किया जाएगा। दुसरा सैनिक कल्याण निदेशालय में डिप्टी डायरेक्टर (अर्धसैनिक) व बड़े जिलों के सैनिक कार्यालय में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के एक एक पद रिटायर्ड अर्थ सैनिकों के लिए स्वीकृत किए जाएंगे जिसमें पूर्व अर्धसैनिकों की संविदा के तहत नियुक्ति होगी।

तीसरा महत्वपूर्ण तोहफा जांबाज पदक विजेताओं के लिए है जो कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रपति पुलिस पदक, गैलेंटरी वीरता पदकों से अलंकृत हैं उन अर्ध सैनिकों को एकमुश्त 5 लाख रुपए की अनुदान राशि दी जाएगी।

अलॉइंस अध्यक्ष पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह द्वारा इस ऐतिहासिक घोषणा के लिए पूर्व आईजी बीएसएफ श्री एसएस कोठियाल के कठिन परिश्रम व कुशल नेतृत्व का कमाल है इसके लिए पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल संगठन के सभी देवभूमि वासियों को हार्दिक बधाई एवं मुबारकबाद देते हुऐ उम्मीदें जताई कि बाक़ी राज्य सरकारें भी उत्तराखंड की तर्ज पर शासनादेश जारी करेंगे।
रणबीर सिंह
महासचिव




