छत्तीसगढ़

धूमधाम से मनाया गया गोपबंधु पुस्तकालय का स्थापना दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ नववर्ष का स्वागत

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राउरकेला : छेंड स्थित गोपबंधु पुस्तकालय का स्थापना दिवस और नववर्ष मिलन समारोह अध्यक्ष नवघन साहू की अध्यक्षता में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुस्तकालय परिसर में विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ. उमाकांत पांडा के मार्गदर्शन में वेदव्यास गुरुकुल आश्रम के विद्यार्थियों द्वारा किए गए वेद मंत्रोच्चारण से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने केक काटकर आधिकारिक रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की। अध्यक्ष श्री साहू ने अपने स्वागत भाषण में पुस्तकालय के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और सदस्यों के योगदान को सराहा और भविष्य में भी निरंतर सहयोग की अपील की।

महासचिव हरिहर शतपथी ने वार्षिक विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि गोपबंधु पुस्तकालय केवल एक वाचनालय नहीं, बल्कि कॉलोनी के हर आयु वर्ग के लोगों के मानसिक, शारीरिक और सांस्कृतिक विकास का एक प्रमुख केंद्र है। यह संस्थान समाज में शांति और भाईचारे का संदेश फैलाने का कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हाई-टेक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सी.ई.ओ. डॉ. सुशांत कुमार आचार्य ने पुस्तकालय की गतिविधियों की प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेल के सेवानिवृत्त ई.डी. प्रदीप कुमार साहू, डॉ. प्रफुल्ल चंद्र महापात्र, प्रधानाध्यापिका शर्मिष्ठा कवि शतपथी और साहित्यकार राजीव पाणि ने भी अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने रोटरी क्लब रिवरसाइड, स्वस्ति साहित्य संसद, उत्कल स्नेही महिला समिति, राउरकेला सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ और इनर व्हील क्लबजैसे सहयोगी संगठनों के प्रयासों को भी सराहा और पुस्तकालय की उन्नति में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

सांस्कृतिक सत्र में चिन्मय इंग्लिश मीडियम स्कूल के विद्यार्थियों ने मनमोहक गीतिनाट्य और लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं प्रदीप कुमार साहू, अन्वेषा महाराणा, जयंती पात्र और अजीत बरवा ने सुगम संगीत की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का सफल संचालन उपाध्यक्ष गिरिजा शंकर गोस्वामी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सचिव विश्वनाथ जेना द्वारा दिया गया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में कैलाश सामल, हरिहर नायक, सूर्यमणि पांडा, रमेश चंद्र सिंह, चिन्मयी पुरोहित और सच्चिकांत विश्वाल का विशेष योगदान रहा। समारोह में पुस्तकालय के सैकड़ों सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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