लकड़ी माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा — तीन ट्रक अवैध लकड़ी सहित जब्त, चालक फरार

राजस्व और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप, जिले में बड़े नेटवर्क का खुलासा
सूरजपुर कौशलेन्द्र यादव । जिले में लंबे समय से सक्रिय लकड़ी माफियाओं के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने सूरजपुर के परी क्षेत्र में छापा मारकर तीन ट्रकों में भरी नीलगिरी की अवैध लकड़ियों को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान दो ट्रक चालक मौके से ट्रक को लॉक कर चाबी लेकर फरार हो गए। देर शाम तक प्रशासन उनकी तलाश में जुटा रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली।
तहसीलदार के नेतृत्व में छापा
सूत्रों के अनुसार तहसीलदार सूर्यकांत साय के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की टीम ने परी क्षेत्र स्थित गोदाम पर दबिश दी। वहां से तीन ट्रक अवैध लकड़ी से लदे मिले, जिनका कोई वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। प्रशासन ने लकड़ियों और ट्रकों को जब्त कर वन विभाग के सुपुर्द किया है।
अनुमति नहीं, बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण
मामले में जब एसडीएम से भंडारण अनुमति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा — “किसी भी व्यक्ति को लकड़ी भंडारण की अनुमति नहीं दी गई है।”
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के व्यापारी आजम खान सहित कई अन्य कारोबारी जिले में लकड़ी का बड़ा नेटवर्क चलाते हैं। इन लोगों ने जिले के कई क्षेत्रों में लकड़ी का अवैध भंडारण कर रखा है और लगातार नीलगिरी समेत अन्य प्रजातियों के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। इससे जिले की हरियाली पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
प्रशासन का रुख सख्त — अवैध कारोबार पर अब कोई राहत नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जब्त ट्रकों और लकड़ियों को सुरक्षित स्थल पर रखा जा रहा है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जल्द ही संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जिले में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर है, और अवैध लकड़ी तस्करी में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
जिले में मचा हड़कंप, लोगों ने की निरंतर कार्रवाई की मांग
इस कार्रवाई के बाद जिले भर में हलचल मच गई है। पर्यावरण प्रेमियों और समाजसेवियों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है — यदि इसी तरह सतत निगरानी रखी जाए, तो जिले से लकड़ी माफियाओं का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।




