
विद्यालय और छात्रों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव
रायगढ़ : शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक एक सरस्वती शिशु मंदिर इन दिनों अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा हैं। स्कूल प्रबंधन की माने तो इसके पीछे का बहुत कारण स्कूल परिसर के पास स्थिति लक्ष्मीपुर का बड़ा मटन मछली मार्केट है। प्रबंधन की मांग है कि नगरीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों को पहल कर मटन मार्केट को यहां से हटा कर अन्यत्र ले जाना चाहिए।
आम तौर पर मीडिया और बाहरी चका चौंध से दूर रहने वाला स्कूल प्रबंधन अब मीडिया कर्मियों के माध्यम से अपनी समस्याओ को शासन प्रशासन के सामने रखने की अपील कर रहा है।
इस विषय में स्कूल प्रबंधन ने बीते कल एक प्रेस वार्ता रखी थी। यहां उन्होंने बताया कि बड़ा मटन मार्केट होने की वजह से स्कूल बिल्डिंग के दक्षिण में स्थित लक्ष्मीपुर नाला न केवल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है,बल्कि नाले से आने वाली बदबू और दुर्गंध के कारण स्कूल का वातावरण भी प्रभावित होने लगा है। नाले में पड़े मटन और मछली के सढ़े हुए अपशिष्ट को चिल गिद्ध और कौवों के द्वारा स्कूल बिल्डिंग के अंदर गिरा दिया जाता है। जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और पढ़ाने वाले अध्यापकों का मन भी दुष्प्रभावित हो जा है। वहीं मटन मार्केट के आसपास शराबी तथा असमाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है,जिसकी वजह से स्कूल के छात्र_छात्राओं तथा अध्यापकों के साथ अप्रिय घटना घटने की आशंका भी बनी रहती है। एक दो बार ऐसी घटनाएं घट भी चुकी है। इस कारण स्कूल में नियमित रूप से छात्र छात्राओं की संख्या घटने लगी है।
इस वजह स्कूल प्रबंधन की मांग है,कि हमारी समस्याओं को ध्यान देकर प्रशासन शीघ्रता से लक्ष्मीपुर मटन मार्केट को शहर में कही अन्य स्थान पर लगवाए। हमने इस विषय में पहले भी कई बार नगरीय प्रशासन के समक्ष लिखित आवेदन दिया है। परंतु उनसे कोई मदद नहीं मिली। वर्तमान में पुनः हम लिखित आवेदन दे रहे हैं। इस बार शीघ्रता से मांग पूरी नहीं हुई तो हमें मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा।