जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ जारी, चार दिनों में 95 गौवंश मुक्त, दो आरोपी गिरफ्तार

जशपुर। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शंखनाद’ लगातार जारी है। बीते चार दिनों के भीतर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 95 नग गौवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। कार्रवाई थाना लोदाम और सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र में की गई।
पुलिस के अनुसार, 12 फरवरी को थाना लोदाम क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर ग्राम कोनबिरा में नाकाबंदी कर एक पिकअप वाहन से 12 नग गौवंश बरामद किए गए। इस मामले में मुर्शीद आलम (27 वर्ष) और सर्वेज आलम (27 वर्ष), निवासी साईं टांगर टोली, थाना लोदाम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन और रेकी में इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी जब्त किया है। फरार चालक की तलाश जारी है।
इसके बाद 15 फरवरी की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच ग्राम पुत्रीचौरा के पास एनएच-43 पर एक ट्रक से 43 नग गौवंश बरामद किए गए, जिनमें से 20 की मौत हो चुकी थी। शेष गौवंशों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया गया तथा मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। इसी दिन ग्राम जूरतेला में पैदल ले जाए जा रहे 10 गौवंश भी मुक्त कराए गए। इन मामलों में आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
वहीं 15 फरवरी की रात थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस ने ग्राम चेडेया के लावा नदी पुल के पास कार्रवाई करते हुए 25 नग गौवंश को मुक्त कराया। पुलिस को देखकर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सभी गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। तस्करी में प्रयुक्त तीन वाहनों को भी जब्त किया गया है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस सख्त है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन शंखनाद’ आगे भी लगातार जारी रहेगा।





