रायगढ़ सब्जी मंडी में बुलडोजर कार्यवाही से व्यापारियों का फूटा गुस्सा,

महापौर के व्यवहार ने बढ़ाया विवाद,विधायक रायगढ़ का बयान अब बना मजाक..?
रायगढ़@खबर सार :- शहर की व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र संजय मार्केट,जो सब्जी मंडी के नाम से मशहूर रहा है, एक बार फिर चर्चा में है।
मामला कथित अतिक्रमण के नाम पर नगर निगम की कार्यवाही से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार आज सुबह जब नगर निगम की टीम ने बाजार में घूम घूम कर व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं के त्रिपाल फाड़ना शुरू किया और व्यापारियों को अपनी हद तक सीमित रहने की हिदायत दी। जिससे व्यापारियों में खलबली मच गई। इधर व्यापारी निगम कर्मियों से सवाल करने लगे कि आखिर बार-बार इस तरह की कार्यवाही क्यों की जाती है ? क्या निगम प्रशासन ने संजय मार्केट के कारोबारियों को बुनियादी जरूरतों—पार्किंग, पानी और शौचालय—पर कभी ध्यान दिया है?शायद नहीं। फिर इस तरह दिखावे की कार्यवाही का अर्थ क्या है?
अभी निगम प्रशासन ने एक दिन पहले ही व्यापारियों को नोटिस दिया है और अगले दिन की सुबह ही निगम की टीम बाजार में उतर गई । स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सुबह और दोपहर की कड़ी धूप में खुले आसमान के नीचे काम करना कई बार उनके लिए जानलेवा साबित हो जाता है। एक सब्जी विक्रेता का कहना है कि निगम प्रशासन भली भांति जानता है कि” संजय मार्केट में स्थिति हम सबकी दुकानों में रोजाना शहर के हजारों ग्राहक अपनी_अपनी व्यवस्था और समय पर आते_जाते हैं,निगम प्रशासन हम सबसे शुल्क तो लेता है,लेकिन यहां आज तक न तो पार्किंग बना कर दे पाया है, न ही पीने के साफ पानी की व्यवस्था कर पाया है। शौचालय की तो बात ही छोड़िए।
निगम कर्मी हर साल सिर्फ अतिक्रमण हटाने के नाम पर यहां आते है, लेकिन उनके पास हमारी परेशानियों को सुनने का समय नहीं रहता है?” इसी तरह की शिकायतें दर्जनों व्यापारियों से सुनने को मिलीं, जो धूप और धूल से बचने के लिए अपनी दुकानों के सामने त्रिपाल का लगा लेते है।
इधर आज हुई कार्यवाही के नगर निगम कमिश्नर और महापौर पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
पीड़ित सब्जी व्यापारियों का कहना है कि सब्जी मंडी में कुछ रसूखदारों के द्वारा बेजा कब्जे कर लिया गया है। इस बात की शिकायत करने के लिए मंडी के सदस्य और उपाध्यक्ष खुद आयुक्त के पास गए थे।
आयुक्त ने आश्वस्त किया था कि अवैध कब्जा हटाया जाएगा और इसके लिए बाकायदा पक्के निर्माण करने वालों को नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन आज सुबह हुई कार्यवाही बिल्कुल उल्ट रही। सब्जी मंडी के अध्यक्ष कुलदीप नरसिंह का आरोप है कि जिन रसूखदारों को नोटिस मिला था, उन पर कार्रवाई करने के बजाय निगम का अमला उन गरीब सब्जी विक्रेताओं की दुकानों को नुकसान पहुंचाने लगा था जो आज के दिन बंद थीं। वहां केवल धूप और बरसात से बचने के लिए लगाए गए प्लास्टिक के तिरपालों को निगम कर्मचारियों ने चाकू से बेरहमी से फाड़ दिया गया । कुलदीप का कहना है कि जिन पर कार्यवाही की गई है उन गरीब सब्जी व्यापारियों कही कोई कब्जा नहीं किया था और न ही उन्हें कोई नोटिस दिया गया था। जिन्होंने अवैध कब्जा किया है क्या उनका कृत्य कमिश्नर उन्हें ही निगम महापौर का अतिक्रमण नहीं दिखता?
अध्यक्ष कुलदीप का कहना है कि निगम प्रशासन की एक तरफा कार्यवाही को रोकने के लिए उन्होंने महापौर से मदद की अपील की थी उन्होंने सहायता करने के बजाय उनसे कहा कि मैं संजय मार्केट मामले में तुम्हारी कोई मदद नहीं कर पाऊंगा। आप लोग फालतू बात कर रहे हो, आप खुद कब्जा तुड़वाने गए थे, अब दोबारा मेरे पास मत आना।” मेयर के आचरण से आहत कुलदीप का कहना है कि अगर महापौर ईमानदार है तो पहले अवैध अतिक्रमण को हटाए फिर संजय मार्केट की तरफ बात करें। मैं पूरी तरह से संजय मार्केट के गरीब व्यापारियों के साथ खड़ा हूं,और उनके अधिकार के लिए संघर्ष करता रहूंगा। निगम प्रशासन और महापौर ने दुबारा इस तरह की एक पक्षीय कार्यवाही की कोशिश की तो मैं आत्मदाह से भी पीछे नहीं हटूंगा ।
इधर कुछ सब्जी व्यापारियों का कहना है कि शहर के विधायक और कैबिनेट मंत्री ओ पी चौधरी ने हाल के कुछ महीनों पूर्व में बयान दिया था कि “शहर में कोई कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”, लेकिन महापौर के कथित अवैध अतिक्रमण पर न तो उन्होंने कुछ बोला न ही निगम प्रशासन के कोई कार्यवाही की.? कुछ करने की बारी आई तो गरीब और मजबूरो पर ही बुलडोजर चलवाया गया।




