राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर में 77 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया

ध्वजारोहण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सिन्हा द्वारा किया गया। ध्वजारोहण के पूर्व प्राचार्य द्वारा महाविद्यालय में पूर्व में अध्यनरत रहे एवं सुरक्षा बलों के रूप में कार्यरत वीर जवानों फोटो चित्र पर माल्यार्पण कर उनके शहादत को नमन किया गया। अपने उद्बोधन में डॉ अनिल सिन्हा ने कहा कि आज का यह पावन अवसर हमें उस ऐतिहासिक दिन की याद दिलाता है, जब 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न गणराज्य बना।

यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि कर्तव्य, अधिकार और जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है। हम आज इस अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान निर्माण से जुड़े सभी महान विभूतियों को नमन करते हैं, जिन्होंने हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे अमूल्य मूल्य दिए।

एक शिक्षण संस्थान के रूप में हमारा दायित्व केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। छात्र ही वह शक्ति हैं जो भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में ले जा सकते है। शिक्षण संस्थान राष्ट्र की प्रयोगशालाएँ हैं,
जहाँ भविष्य के भारत का निर्माण होता है।

प्रातः काल आयोजित ध्वजारोहण समारोह के अवसर पर एनसीसी कैडेट्स एनएसएस वॉलिंटियर्स विंग एवं रेडक्रॉस के छात्रों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत दोनों का प्रस्तुतीकरण किया गया।आयोजन में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों में डॉ राजकमल मिश्रा डॉ एस एन पांडेय डॉ आरपी सिंह, डॉ एचडी महार, डॉ प्रतिभा सिंह के साथ-साथ समस्त प्राध्यापक गण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।





