राजकुमारी के लिए वरदान बना आरोग्य संजीवनी

कहते हैं जिंदगी अचानक कब और क्या करवट ले ले पता नहीं और ऐसा ही कुछ हुआ नवापारा निवासी राजकुमारी पटेल के साथ,60 वर्षीय राजकुमारी को अचानक उठने बैठने चलने में भारी परेशानी होने लगी,उनका दायाँ पैर काम करने में पूरी तरह असमर्थ लगने लगा उस पैर के सहारे चलना तो दूर खड़े होना भी संभव नहीं हो पा रहा था,शहर के बड़े डॉक्टरों को दिखाने पर गंभीर लिगामेंट इंजुरी का पता चला और लोगों ने ऑपरेशन तक का सुझाव दे दिया।
पारिवारिक स्थिति और ऑपरेशन के साइड इफ़ेक्ट के डर से वो उदास और हताश हो गईं ।निराशा की इस घड़ी में गाँव के ही उनके पड़ोसी आशा की किरण बन कर आए और उन्हें रीढ़ की हड्डी और जॉइंट के रोगों के लिए प्रसिद्ध रायगढ़ लोचन नगर स्थित आरोग्य संजीवनी के डॉक्टर पी सक्सेना को दिखाने की सलाह दी।परिजन निराश मन से उन्हें गाड़ी में लेटाकर और गोद मे उठाकर डॉ पी सक्सेना के पास लेकर आए।
प्रारंभिक जाँच में ही डॉ साहब को उनकी गंभीर स्थिति और लिगामेंट इंजुरी का पता चल गया और उन्होंने उन्हें इसके लिए पंचकर्म और नी जॉइंट ट्रीटमेंट लेने की सलाह दी।परिजन राजकुमारी का ऑपरेशन नहीं कराना चाहते थे इसलिए उन्होंने डॉ साहब की बातों को आशा की एक किरण मान कर उनसे इलाज करने के लिए निवेदन किया।तकलीफ बड़ी हुई थी मरीज एक पैर भी रखने में समर्थ नहीं था मरीज को व्हील चेयर या गोद मे ही उठाकर शिफ्ट करना पड़ रहा था ऐसे में उनका इलाज किसी बड़े चैलेंज से कम नहीं था।
लेकिन डॉ सक्सेना और उनकी टीम ने मरीज की तकलीफ को ध्यान में रखते हुए उनके इलाज का निर्णय लिया।उनके लिए खास ट्रीटमेंट प्लान बनाकर डॉ सक्सेना अपनी टीम के साथ पूरे मनोयोग से उनके इलाज में जुट गए।उन्होंने नी जॉइंट ट्रीटमेंट के कुछ मुख्य बिंदुओं के बारे में परिजनो को समझाते हुए उनका इलाज शुरू किया और मात्र 10 दिन के इलाज से ही राजकुमारी को बिना किसी सहारे के चलने में समर्थ बना दिया।राजकुमारी और परिजनों के लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं था।
जिस तकलीफ के लिए लोगों ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दे डाली थी,जिस तकलीफ की वजह से उनकी जिंदगी उन्हें बोझ लगने लगी थी उसको महज 10 दिन में ठीक होता देखना राजकुमारी और उनके परिवार के लिए बहुत सुखद था।कहते हैं ना जिंदगी जब एक रास्ता बंद कर देती है तो दूसरा रास्ता खोल देती है।नया जीवन पाकर राजकुमारी भी आज आरोग्य संजीवनी और उनके सेवाभावी स्टाफ को साधुवाद देते नहीं थक रही हैं।




