द्वारा हरहर शम्भू कुमार चौधरी ( प्रदेश अध्यक्ष ओडिशा,अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति )

आज जमाना डिजिटल युग का है आज हर एक सरकारी अधिकारी, प्रसाशनिक अधिकारी, स्वयं सेवी संगठन, संस्थाएं अपनी जानकारी सामाचार पत्रों,समाचार चैनलों, इ.मिडिया के जरिए अपनी संस्था, कार्यालय,सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए है जिनमें स्थानीय पत्रकारों को रखा गया है।
हमारे पास स्थानीय पत्रकार कई बार ऐसी शिकायत लेकर आते है कि फलां आधिकारिक ग्रुप में हमें एड नहीं किया जा रहा है या फलां आधिकारिक ग्रुप से हमें निकाल दिया गया है या फलां अधिकारी मेरा फोन नहीं उठा रहा है।
जब हमने बारीकी से इसका कारण जानने की कोशिश की तो जो बात सामने आयी यह कि सरकारी/प्रसाशनिक अधिकारियों को ज्यादातर वे पत्रकार पसंद नहीं आते है, जो उनकी कार्यशैली पर प्रश्न खड़े करते है या पत्रकार सम्मेलन के दौरान कुछ ऐसे प्रश्न पूछ लेते है जो उनके उम्मीद के बीपरीत होता है। ऐसे पत्रकारों से अधिकारी दूरी बनाए रखने की हर संभव कोशिश करते है।
चुकि अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है, जो पत्रकारों के हित और उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए
मैं समस्त प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य सरकारी अधिकारियों, लोक संपर्क एवं जन सूचना अधिकारियों, निजी संगठन अध्यक्षों से यह निवेदन करता हूँ कि-ऐसे पत्रकारों के हवाले से प्रकाशित खबर पर कोई त्रुटि पाई जाती है जिन्हें आपके द्वारा समाचार संग्रह करने या सूचना देने में सहयोग नहीं किया गया हो, तो ऐसे पत्रकारों पर आपके द्वारा किसी भी तरह से दोषी ना ठहराया जाए।
हमें कोई भी ऐसी शिकायत मिलती है तो हमारा संगठन उस पत्रकार के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।




