पिकअप और ट्रैक्टरों में ढोए जा रहे हैं मजदूर, प्रशासन ने आंखें मूंदी

By
Advertisement
Advertisement

सूरजपुर कौशलेन्द्र यादव – प्रशासन को किसी बड़े दुर्घटना का इंतजार है। पूरे जिले भर में मालवाहक वाहनों से मजदूरों की ढुलाई की जा रही है। बीते मंगलवार को जिले की संयुक्त टीम ने एक पिकअप को भैयाथान के ग्राम पंचायत कुसमुसी से जब्त किया है। दिखावे की इस कार्यवाही को महज कलेक्टर को अपना नंबर दिखाने की कार्यवाही बताया जा रहा है। जबकि पूरे जिले भर में मालवाहक वाहनों से सवारियों को ढोने का सिलसिला जारी है। एन एच सड़कों पर आए दिन वाहनों के दस्तावेजां की जांच करने के नाम पर वसूली करने वाली पुलिस विभाग को यह सब दिखाई ही नहीं देता है।

इस संबंध में बताया जाता है कि अवर्षा के कारण भैयाथान क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़सरा, बस्कर, कुर्रीडीह, खांड़ापारा, तरका, धरसेड़ी, कुधरी आदि गांवों से रोजी रोटी की तलाश में बड़ी संख्या में रोपा लगाने के लिए महिला मजदूरों को प्रतिदिन पिकअप- ट्रैक्टरों आदि मालवाहक वाहनों से ढोया जा रहा है। यह मजदूर करौन्दामुड़ा, भंवराही, बांसापारा, गंगौटी रामानुजनगर के ग्रामों समेत कोरिया जिले के सरभोका, माजा आदि क्षेत्रों में जा रहे हैं। बीते मंगलवार को एसडीएम भैयाथान सागर सिंह राज के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक लक्ष्मी खलखो, पटवारी पीतांबर कुशवाहा, सहित श्रम निरीक्षक रमेश साहू, सत्येन्द्र प्रताप सिंह व महिला एवं बाल विकास विभाग के ए के सिंह, शीतल सिंह समेत ने शिकायत पर ग्राम पंचायत कुसमुसी से पिकअप को जब्त करते हुए नाबालिग 27 बच्च्यिं को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया था। लेकिन इस कार्यवाही से पुलिस प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे हैं? क्या इस क्षेत्र में मालवाहक वाहनों द्वारा सवारियां ढोने का सिलसिला जारी रहेगा? क्या पुलिस इसे देखकर भी अनदेखा करेगी?

स्कूलों में दर्ज संख्या के विपरीत उपस्थिति नगण्य – धान रोपाई के दिनों में स्कूलों में बच्चियों की उपस्थिति नगण्य हो जाती है। स्कूलों में इसके कारण पढ़ाई भी पिछड़ने लगती है और विद्यालयों का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होता है। लेकिन शिक्षा विभाग बेबस सा लगने लगता है क्योंकि रोपाई का काम होने तक विद्यालयों में उपस्थिति नहीं होती है।

नंबर बढ़ाने की कार्यवाही – सीडब्ल्यूसी द्वारा बच्चियों को पूरे दिन सूरजपुर कार्यालय में बिठाया जाना आपत्तिजनक है। बच्चियों के मन में डर बैठाने की बजाय शिक्षा के लिए जागरुक किया जाना चाहिए। जबकि यह कार्यवाही कतिपय विभागों को अधिकारियों द्वारा कलेक्टर के समक्ष अपना नंबर बढ़ाने के लिए की गई है।
अभय प्रताप सिंह, सभापति निर्माण समिति, भैयाथान जनपद

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *