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अर्ध सैनिक बलों के साथ लगातार हो रहे सौतेले व्यवहार की झलक

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आने वाली 26 जनवरी को जब देशवासी अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे होंगे और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के दस्ते अपने बैंड बाजे के साथ आन-बान-शान से कर्तव्य पथ पर परेड करते हुए सलामी मंच से गुजरेंगे साथ ही इन जांबाज यौद्धाओं के शौर्य का बखान होगा एक अलग ही राष्ट्र प्रेम का आभास होगा जो कि शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।

 

अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति हवाले से पैरामिलिट्री फोर्सेस जवानों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठाए। माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए पैरामिलिट्री पुरानी पैंशन बहाली फैसले के बावजूद राष्ट्र की सरहदों के वास्तविक पहरेदारों का बिना पुरानी पैंशन के भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। पैरामिलिट्री ग़ैर पैंशन भोगियों, रिटायर्ड कर्मियों, शहीदों के आश्रित परिवारों के लिए सेना झंडा दिवस कोष की तर्ज पर कोई फंड नहीं जिनसे इन अर्ध सैनिकों को आर्थिक सहायता मिल सके। हरियाणा उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों में कल्याण बोर्ड नहीं जहां पैंशन पुनर्वास के मामलों के लिए गुहार लगाई जा सके।

पूर्व एडीजी सीआरपीएफ श्री एचआर सिंह द्वारा हाल ही 15 जनवरी को पुरे देश में सेना दिवस मनाएं जाने पर खुशी जताई लेकिन साथ ही अफसोस जताया कि इस तरहां का सामुहिक पैरामिलिट्री/सीएपीएफ दिवस केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में नहीं है जब कि अर्ध सैनिक झंडा दिवस कोष ओर सीएपीएफ दिवस के लिए किसी बजट की जरूरत नहीं है बल्कि इच्छा शक्ति की आवश्यकता है।

महासचिव रणबीर सिंह द्वारा इस बार गणतंत्र दिवस परेड समारोहों में भारत की पहली रक्षा पंक्ति बीएसएफ जवानों के दस्ते को गणतंत्र दिवस परेड समारोहों में शामिल ना किए जाने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के 118 बंकर्स ध्वस्त करने वाले जवानों का शौर्य बखान कौन करेगा क्या ही अच्छा होता जब जवान ऊंट हाथी घोड़ों पर सवार होकर कर्तव्य पथ पर कदमताल करते नजर आते।

केंद्रीय अर्धसैनिक बल खाश कर सीआरपीएफ जवान जो नक्सलवाद को जड़मूल से खत्म करने करने के लिए दिन-रात ऑपरेशन में लगे हुए हैं, सीआईएसएफ जवानों द्वारा औधोगिक इकाइयों की चाक-चौबंद सुरक्षा,  बीएसएफ अकेली फोर्स जिसके पास अपना तोपखाना मेरीन विंग, एयर विंग मौजूद उपरोक्त फोर्सेस को सिविलियन करार दे दिया गया।

उम्मीद कि राष्ट्र के प्रति अपने सर्वोच्च कर्तव्यों का निर्वहन करने के एवज में माननीय गृह मंत्री जी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को पुरानी पैंशन बहाली, अर्ध सैनिक झंडा दिवस कोष, सीएपीएफ दिवस व अन्य सुविधाओं की घोषणा कर जवानों को गणतंत्र दिवस का तोहफा उपहार स्वरूप देंगे।

रणबीर सिंह
महासचिव

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