छत्तीसगढ़रायगढ़

लैलूंगा सीएचसी को मिला एनक्यूएएस प्रमाणन, रायगढ़ जिले में बना पहला मानक स्वास्थ्य केंद्र

Advertisement

मजबूत नेतृत्व और समन्वित प्रयासों से हासिल हुई उपलब्धि, ग्रामीण मरीजों को होगा सीधा लाभ

रायगढ़। राज्य शासन की गुणवत्ता सुधार पहल के तहत रायगढ़ जिले के लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाणन प्राप्त कर जिले में पहला स्वास्थ्य संस्थान बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और भरोसे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत के मार्गदर्शन में यह लक्ष्य साकार हुआ। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैंकरा, जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम तथा लैलूंगा के बीएमओ डॉ. धरम साय पैंकरा के निरंतर प्रयासों ने इस प्रक्रिया को गति दी।

राष्ट्रीय मानकों पर हुआ स्वास्थ्य सेवाओं का सख्त मूल्यांकन

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू एनक्यूएएस एक राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली है, जिसके अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाओं को निर्धारित मानकों पर परखा जाता है। इसमें संक्रमण नियंत्रण, मरीज सुरक्षा, स्वच्छता, दवा एवं उपकरण प्रबंधन, नैदानिक सेवाओं की गुणवत्ता और मरीज संतुष्टि जैसे अहम बिंदुओं का व्यापक आकलन किया जाता है।

टीमवर्क से बदली अस्पताल की कार्यप्रणाली

लैलूंगा सीएचसी में वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एस.एन. उपाध्याय के मार्गदर्शन में अस्पताल की कार्यप्रणाली को एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप ढाला गया। इस दौरान बीपीएम अश्वनी कुमार साय सहित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, सफाई कर्मचारी और प्रशासनिक अमले ने सामूहिक रूप से कार्य किया।

सेवाओं में किया गया व्यापक सुधार

महीनों की सतत मेहनत के बाद सीएचसी में पंजीयन प्रणाली को सुव्यवस्थित किया गया। वार्ड और शौचालयों की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन, दवाओं और चिकित्सकीय उपकरणों का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित किया गया। प्रसव कक्ष, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं को भी उन्नत किया गया।

इसके पश्चात राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र की टीम ने निरीक्षण कर सभी मापदंडों पर संतोष व्यक्त करते हुए एनक्यूएएस प्रमाणन प्रदान किया।

ग्रामीण जनता को मिलेगा सीधा फायदा

इस प्रमाणन के बाद लैलूंगा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। इससे जिला अस्पतालों और निजी संस्थानों पर निर्भरता कम होगी और समयबद्ध इलाज संभव हो सकेगा।

अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए बनेगा मॉडल

लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह सफलता रायगढ़ जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रेरणा मानी जा रही है। यह साबित करता है कि प्रभावी नेतृत्व, ईमानदार प्रयास और मजबूत टीम भावना से सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भी उच्च गुणवत्ता का मानक स्थापित कर सकती हैं। एनक्यूएएस प्रमाणन न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम भी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button