छत्तीसगढ़

पतंगें आसमान में, जाम सड़कों पर! JCI काइट फेस्टिवल में अफरा-तफरी, सड़कें बनीं पार्किंग लॉट – यातायात पुलिस गायब!

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रायगढ़@खबर सार :- उत्सव खुशियों और रंग-बिरंगी पतंगों का प्रतीक बनने आया था, वही आज शहर की सड़कों पर अफरा-तफरी और जनता की परेशानी का सबब बन गया। जेसीआई रायगढ़ सिटी द्वारा आयोजित दुल्हन काइट फेस्टिवल 2026 (10-11 जनवरी) के पहले दिन ही शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम (मिनी स्टेडियम) के आसपास यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।

हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शक, परिवार और युवा जब स्टेडियम की ओर बढ़े, तो उन्हें सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की मिली। आयोजकों और प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्थित पार्किंग जोन या वैकल्पिक पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। नतीजा? मुख्य सड़कें, आसपास की गलियां और यहां तक कि अस्पताल जाने वाले रास्ते भी अनियंत्रित तरीके से खड़ी गाड़ियों से जाम हो गए। पूरी सड़कें ही अस्थायी पार्किंग जोन में तब्दील हो गईं।

एम्बुलेंस के लिए भी रास्ता नहीं बचा, इतना बड़ा इवेंट आयोजित कर रहे हैं, लेकिन यातायात और पार्किंग की कोई प्लानिंग नहीं। क्या यही है जेसीआई का जश्न?”

दोपहर होते-होते जाम इतना बढ़ गया कि स्कूटर और बाइक वाले भी फंस गए। कई लोग अपने वाहन छोड़कर पैदल ही स्टेडियम पहुंचे। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान दिखे। एक बुजुर्ग ने बताया, “पैर दुख रहे हैं, लेकिन गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही थी। ऐसे में फेस्टिवल का मजा कहाँ रहा?”

सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर प्रचारित इवेंट (जिसमें गुजरात के विशेष पटंगबाज, लाइव बैंड, फूड कोर्ट, गेम्स और इंटरनेशनल काइट शो का दावा किया गया) में यातायात पुलिस की मौजूदगी न के बराबर क्यों रही? पुलिस की ओर से कोई ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेडिंग या पार्किंग गाइडलाइंस जारी नहीं की गईं। आयोजकों ने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

दूसरे दिन (11 जनवरी) के लिए प्रशासन से अपील है कि तत्काल यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, वैकल्पिक पार्किंग जोन बनाए जाएं और पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि उत्सव का मजा बिगड़े नहीं।

रायगढ़ के इस रंगीन उत्सव में आसमान तो पतंगों से भर गया, लेकिन सड़कों पर अफसोस की काली छाया छा गई। उम्मीद है कि आयोजक और प्रशासन इस सबक से सीख लेंगे।

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