नक्सल उन्मूलन में नारायणपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 2025 में 27 नए कैंप स्थापित

सुरक्षा विस्तार से मजबूत हुआ नक्सल प्रभावित इलाका
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत वर्ष 2025 में जिला पुलिस बल नारायणपुर ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। जिले में सुरक्षा और जन सुविधा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कुल 27 नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किए गए। इनमें थाना ओरछा क्षेत्र में 12, थाना सोनपुर क्षेत्र में 7 तथा थाना कोहकामेटा क्षेत्र में 8 कैंप शामिल हैं।
नक्सलियों के गढ़ों में प्रशासन की निर्णायक मौजूदगी
नवस्थापित कैंप नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, कोडनार, आदींगपार और मंदोड़ा जैसे संवेदनशील इलाकों में स्थापित किए गए हैं, जिससे नक्सल गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ा है।
43 ईनामी नक्सलियों के शव बरामद
वर्ष 2025 के दौरान जिले में कुल ₹4.96 करोड़ रुपये के ईनामी 43 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें सीसीएम 3, एसजेडसीएम 1, मिलिट्री कंपनी कमांडर 3, मिलिट्री डिप्टी कंपनी कमांडर 1, मिलिट्री कंपनी सदस्य 32, एसीएम 1 तथा 2 अन्य नक्सली सदस्य शामिल हैं।
शीर्ष नक्सली नेतृत्व को बड़ा झटका
मारे गए नक्सलियों में 21 मई 2025 को सीसीएम केशव राव उर्फ बसवराज सहित 27 नक्सली तथा 22 सितंबर 2025 को सीसीएम कादरी नारायण रेड्डी उर्फ कोसा दादा और सीसीएम रामचंद्र रेड्डी उर्फ राजू दादा शामिल हैं, जिससे नक्सली संगठन की कमर टूटती नजर आ रही है।
78 नक्सली गिरफ्तार, नेटवर्क कमजोर
इसी अवधि में जिला नारायणपुर में कुल 78 माओवादी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सलियों में एसीएम 2, कंपनी सदस्य 1 तथा अन्य 75 कैडर शामिल हैं।
298 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
नक्सल उन्मूलन नीति का सकारात्मक असर आत्मसमर्पण के आंकड़ों में भी दिखा है। वर्ष 2025 में कुल ₹6.095 करोड़ रुपये के ईनामी 298 प्रतिबंधित माओवादी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें डीवीसीएम 14, मिलिट्री कंपनी सदस्य 22, एसीएम 32, पीपीसीएम 18, पीडी टेक्निकल टीम सदस्य 9, पीएम 97 तथा अन्य 106 नक्सली शामिल हैं।
नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों की सशक्त मौजूदगी, लगातार कार्रवाई और पुनर्वास नीति के चलते नक्सल उन्मूलन अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति, विकास और भरोसे का वातावरण मजबूत हुआ है।




