छत्तीसगढ़

धान उपार्जन केंद्रों में अनियमितताओं का खुलासा, किसानों को हो रहा नुकसान

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कोरबा। आज धान उपार्जन केंद्र भैसमा, तिलकेजा, तुमान, चिकनीपाली एवं लबेद–रामभाठा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि समितियों द्वारा धान का वजन निर्धारित मानक 40 किलो के स्थान पर 40.8, 40.9 से लेकर 41 किलो तक लिया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।



निरीक्षण में यह भी सामने आया कि हमालों (मजदूरों) को प्रतिदिन मात्र 200 रुपये मजदूरी दी जा रही है। वहीं अधिकांश समितियों के पास त्रिपाल की व्यवस्था नहीं होने के कारण धान जमीन पर गिर रहा है, जिससे धान खराब हो रहा है और किसानों को अतिरिक्त नुकसान सहना पड़ रहा है।

इन सभी समस्याओं की जानकारी तत्काल फोन के माध्यम से कलेक्टर कोरबा को दी गई और शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।



इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष मनोज चौहान, जनपद सदस्य पताढी अनिल खूंटे, विधायक प्रतिनिधि प्रवीण ओगरे, इब्राहिम फारुकी, प्रमोद श्रीवास, अनुप चंद्रा एवं बिसाहू पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कांग्रेस प्रतिनिधियों ने मांग की कि धान उपार्जन केंद्रों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, वजन प्रक्रिया में मानकों का पालन हो तथा किसानों के हित में तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

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