छत्तीसगढ़

छाल मुख्य मार्ग चक्का जाम आंदोलन

Advertisement



प्रतीक मल्लिक
                        
छाल क्षेत्र में खराब सड़क सहित पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर  छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज द्वारा  पिछले दिनों 29 सितम्बर को तहसीलदार को ज्ञापन सौपते हुए कहा गया था कि आने वाले  08 अक्टूबर तक मांग पूरी नही होनें की स्थिति में आगामी 09 अक्टूबर को छाल क्षेत्र के खेदापाली चौक में चक्काजाम करते हुए उग्र आन्दोलन की बात कही थी,



 जिसके तहत आज तक उन मांगों पर शाशन द्वारा कोई ध्यान नहीं देने पर सुबह से छाल क्षेत्र के आधे दर्जन से अधिक गाँव साथ ही खरसिया ब्लॉक के बर्रा के ग्रामीण खेदापाली चौक में सड़क में उतर कर आंदोलन का आगाज करते हुए चक्का जाम कर दिया है।



ये है  ग्रामीणों की 15 मांगे–

1. क्षेत्र में हाथी समस्या ज्वलंत है। हाथी द्वारा ग्रामीणों को जन हानि पर मुआवजा की राशि 5000000 (पचास लाख रुपये मात्र) भुगतान कर परिवार के योग्य एक सदस्य को शासकीय नौकरी दिया जाय। यदि फसल नुकसान होने पर या हाथी, सुवर, और बंदर के डर से जमीन छोड़े जाने पर प्रति एकड़ 70000 (सत्तर हजार रु. मात्र) भुगतान किया जाय।



2. यूरिया खाद की काला बाजारी को तत्काल रोक लगाकर क्षेत्र के किसानों को खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जावें।

3. छाल क्षेत्र के जिन किसानों के द्वारा के.सी.सी. कर्ज लिया गया है। यदि जंगली जानवरों के द्वारा उसके फसल को नुकसान किया जाता है तो उसका पूर्ण कर्ज माफ किया जाए।

4. वन एवं राजस्व भूमि में पीढ़ी दर पीढ़ी काबिज कास्तकारों को भूस्वामी हक दिया जाए।



5. विकास खण्ड धरमजयगढ़, घरघोड़ा, खरसिया, लैलूंगा में 5वीं अनुसूचि एवं पेशा कानून का पूर्णतः पालन किया जाए।

गोदावरी एनर्जी कम्पनी द्वारा 2014 में नावापारा, बोजिया में, चीतापाली, कटाईपाली (सी) की लगभग 900 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया गया एवं आज पर्यन्त तक भौतिक कब्जा नहीं किया गया है और ना ही रोजगार पुनर्वास का सुविधा दिया गया है। इसलिए उक्त भूमि को संबंधित किसानों को वापस किया जाए।



7. किसानों के बिना सहमति से बर्रा (खरसिया) कोल ब्लाक एवं पुरुंगा (छाल) कोल ब्लाक प्रस्तावित किया गया है उसे तत्काल निरस्त किया जाए।

8. एस.ई.सी.एल. रायगढ़ क्षेत्र के छाल उपक्षेत्र द्वारा कोयला परिवहन के उपयोग से जर्जर हो चुके सड़क को तत्काल निर्माण करा कर डिवाइडर लगाया जाए।



9. कोयला परिवहन वाहन के कारण हमेशा कोयला वाहनों का जाम लगा रहता है जिससे आम जनों को आने जाने में असुविधा होता है इसलिए कोयला परिवहन सड़क जाम करने वाले गाड़ियों के उपर एफ.आई.आर. दर्ज कर कड़ी कार्यवाही कर ब्लेक लिस्ट में डाला जाए।

10. एस.ई.सी.एल. के सी.एस.आर. मद और डी.एम.एफ. मद का उपयोग कोयला प्रभावित क्षेत्र में किया जाए।

11. छाल उपक्षेत्र के सभी खान परिसर में कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों को कोल इंडिया द्वारा निर्धारित HPC. वेज भुगतान किया जाए।



12. छाल उपक्षेत्र के सभी खान परिसर में ठेका श्रमिकों से 8 घंटा से अधिक कार्य लिया जाना बंद किया जाए।

13. खदान के आस पास प्रभावित गामिणों को वरियता प्रदान कर खदानों में अकुशल कार्यभार के रुप में काम दिया जाय।



14. एस.ई.सी.एल. छाल उपक्षेत्र के भूमि अधिग्रहण के तहत आश्रित परिवारों को सिविर लगाकर रोजगार दिया जाए।

15.एस.ई.सी.एल. छाल उपक्षेत्र में बिना तिरपाल ढके कोयला परिवहन किया जा रहा है जिसे तत्काल रोक लगाया जाए।

बाइट :- शौकीलाल नेताम (जिला अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button