रायगढ़ ब्लैकमेलिंग कांड में नया ट्विस्ट: आरोपी युवती की गिरफ्तारी नहीं, नए नंबरों से धमकियां जारी, पुलिस की नाकामी पर सवाल!

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रायगढ़@खबर सार :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। 21 वर्षीय हिमांशु सिंह को ब्लैकमेल करने वाली आरोपी युवती अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। गिरफ्तारी न होने से उसका हौसला बढ़ता जा रहा है, और वह नए-नए नंबरों से पीड़ित को फोन पर धमकियां दे रही है। कोतवाली पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, और शहरवासियों में गुस्सा भड़क रहा है। क्या पुलिस की नाकामी आरोपी को और बेखौफ बना रही है?
मामले का विवरण: हिमांशु सिंह ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी युवती ने दोस्ती का जाल बुनकर उनसे 18,000 रुपये ऐंठे, शादी का दबाव बनाया और झूठे बलात्कार केस, ST/SC एक्ट के तहत कार्रवाई तथा जान से मारने की धमकियां दीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4) के तहत FIR दर्ज की थी। पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग्स समेत साक्ष्य सौंपे हैं, जिनमें आरोपी उसे “बर्बाद” करने और “फर्जी केस” में फंसाने की बात कह रही है।
नया ट्विस्ट: ताजा जानकारी के अनुसार, आरोपी अब नए-नए फोन नंबरों से हिमांशु को धमकियां दे रही है। पीड़ित का कहना है, “मुझे रोज अलग-अलग नंबरों से कॉल्स आ रहे हैं। वह कह रही है कि मुझे और मेरे परिवार को जेल भिजवाएगी।” हिमांशु ने पुलिस को इन नए नंबरों की जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। गिरफ्तारी में देरी से आरोपी का मनोबल बढ़ गया है, और वह खुलेआम पीड़ित को डरा धमका रही है।
पुलिस की नाकामी: पुलिस का दावा है कि वह आरोपी की तलाश कर रही है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, आरोपी संभवतः शहर के अंडर छिपी है। कोतवाली थाने के अधिकारीतो ने कहा था, “हम साइबर सेल की मदद से नंबरों को ट्रैक करके जल्द ही गिरफ्तारी करेंगे।” लेकिन पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की सुस्ती से आरोपी को सबूत मिटाने और अग्रिम जमानत लेने का मौका मिल रहा है। हिमांशु ने सवाल उठाया, “क्या पुलिस जानबूझकर समय दे रही है? मेरे परिवार को खतरा है, लेकिन कोई सुरक्षा नहीं दी गई।”
शहर में गुस्सा: यह मामला रायगढ़ में चर्चा का केंद्र बन गया है। “पुलिस की निष्क्रियता से अपराधी बेखौफ हो रहे हैं।” एक स्थानीय निवासी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करेगी, तो आम आदमी का कानून पर भरोसा उठ जाएगा।”
कानूनी विशेषज्ञों की चेतावनी: वरिष्ठ वकीलों का कहना है कि गिरफ्तारी में देरी से आरोपी कोर्ट से अग्रिम जमानत ले सकती है। एक अधिवक्ता ने सुझाव दिया, “पुलिस को साइबर फोरेंसिक और लोकेशन ट्रैकिंग का उपयोग तेज करना चाहिए। पीड़ित को डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए।”
आगे क्या?: सवाल यह है कि कब होगी गिरफ्तारी? क्या यह मामला ठंडे बस्ते में जाएगा, या हिमांशु को इंसाफ मिलेगा? खबर सार इस मामले पर नजर रखे हुए है और हर नई अपडेट आपके सामने लाएगी।




