झारखंड

चक्रधरपुर के सातों बस्तियों में संघ की शाखाएं स्थापित करें-आकाश

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का 99 वां स्थापना, विजयादशमी सह शस्त्र पूजन का आयोजन
अपना कौशल वृद्धि करें छोटे छोटे कार्यों के लिए दूसरों का भरोसा न करें- भगेरिया

चक्रधरपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ चक्रधरपुर नगर की ओर से रविवार को विजयादशमी सह संघ का 99 वां स्थापना दिवस मनाया गया। रेलवे क्षेत्र स्थित भारत सेवाश्रम संघ परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के कार्यकर्ताओं ने शस्त्र पूजन के साथ साथ अपने भीतर छिपे बुराई को समाप्त करने और अच्छाईयों को ग्रहण करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतमाता, संघ के संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार और संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर के तस्वीर पर पुष्पार्पित कर तथा संघ पताका स्थापित कर किया गया।

इसके पश्चात विधिवत रुप से शस्त्र पूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया। इस अवसर पर संघ के पश्चिम सिहंभूम जिला संचालक आकाश ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ इस वर्ष अपना 99 वां वर्ष पूरा किया और शताब्दी वर्ष में पदार्पण किया। सौवें साल में हमें पूरे देश की एकता और अखंडता के बारे में सोचना है। लेकिन क्षेत्रिय स्तर पर हमें चक्रधरपुर में संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष में संघ का विस्तार मुख्य उद्देश्य होगा।

गांव, ब्लाक और जिला स्तर पर संघ का तेजी से विस्तार करना है। उन्होंने संघ के संंस्थापक डा. हेडगेवार के द्वारा नागपुर में चार पांच बच्चों को लेकर 1925 में विजया दशमी के दिन स्थापित किए गए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संघ ने इन 99 वर्षो में कई उतार चढ़ाव देखे है। इन वर्षो में देश के कोने कोने में संघ की शाखाएं सफलता पूर्वक चलाई जा रही है। उन्होंने संघ की स्थापना और उद्देश्य हिंदुत्व की विचारधारा के तहत देश में अच्छे व्यक्ति का निर्माण और उनमें देशभक्ति संचार करना है। शताब्दी वर्ष में संघ का मुख्य लक्ष्य संगठन का विस्तार करना है। उन्होंने चक्रधरपुर के सात बस्तियों में सात शाखाओं की स्थापना करने और उन्हें मजबूत बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर संघ के जिला सह संचालक मनोज भगेरिया ने संघ से जुड़े व्यापारी वर्ग के लोगों से आह्वान किया है कि हिंदुत्व विचार धारा को लेकर चलने वाले लोगों का सहयोग करें। । उन्होंने राजनीति से जुड़े लोगों से भी आग्रह किया है कि पार्टियों से परे रहकर देश हित के लिए एकजूटता दिखाएं। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि अपना कौशल में वृद्धि करे और छोटे छोटे कार्यो के लिए दूसरों के भरोसे न रहें। उन्होंने मरम्मत संबधी कार्यो के लिए देश के विघटकारियों को प्रोत्साहित करने वाले लोगों पर भरोसे न जताकर अपने कौशल में वृद्धि करने का आह्वान।

उन्होंने छोटे कार्यो को स्वयं करने की आदत डालने को कहा। उन्होंने आगे कहा कि हम विजयादशमी के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ को जलाते हैं। इसका तात्पर्य यह है कि रावण सबसे बड़ा विद्धान था लेकिन उनमें अहंकार और चरित्रहीनता का गूण था जो हम विजया दशमी के दिन जलाकर अपने भीतर छिपे चरित्रहीनता और अहंकार को समाप्त करना है। उसी प्रकार कुंभकर्ण निद्रा के प्रतीक है। और मेघनाथ को अपने शक्तिशाली होने का अभिमान था। चाहे हम कितना बड़ा क्यों न बन जाए अभिमान नहीं करना है। संघ के शताब्दी वर्ष में इन तीन चीजों को अपने भीतर से समाप्त करना है। उन्होंने बंगला देश की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में हिंदु बहुत संपन्न हैं। लेकिन संपन्न होते भी अपनी एकजूटता नहीं दिखाई जिसके फलस्वरुप बंगलादेश में अभी भी लोग मारे जा रहे हैं। श्री भगेरिया ने कहा कि हमें देश हित के लिए एकजूट होकर काम करना होगा। हमें एकजूट होकर देश प्रेम और समपर्ण का भाव लाना होगा।

इस अवसर पर अन्यों में से संघ के नगर अध्यक्ष इंद्रलाल विश्वकर्मा, संघ के शिक्षक सह बोद्धिक प्रमुख तुसार कांति, नगर कारवां सुरज महतो, पूर्व विधायक शशिभूषण सामड, इंद्रजीत सामड, भाजपा महिला मोर्चा के मालती गिलुवा, विमला प्रसाद, बाल कार्य प्रमुख आनंद चंद्र प्रधान, बस्ती प्रमुख विजय सिन्हा,डा कृष्ण राव सिंधे, राकेश श्रीवास्तव, सुब्रत सेन प्रधान,चंदन सोनकर,मनोज जिंदल, विजय मेलगांडी, संदीप महतो, गोनू जयसवाल सहित बड़ी संख्या में संघ के कार्यकर्ता शामिल हुए।

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