सुंदरगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय युवा महोत्सव: संस्कृति और कला में युवा प्रतिभाओं का प्रदर्शन

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युवा महोत्सव का उद्घाटन

सुंदरगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय युवा महोत्सव का उद्घाटन स्थानीय संस्कृति भवन में अपर जिलाधिकारी श्री रवि नारायण साहू और मुख्य विकास अधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद श्री सुरंजन साहू द्वारा किया गया। इस उत्सव का उद्देश्य जिले के युवाओं में कला, संस्कृति और साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनकी आंतरिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।


प्रतियोगिताओं का आयोजन और उद्देश्य

युवा महोत्सव के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं कुल्टूर भवन में आयोजित की गईं, जबकि अन्य प्रतियोगिताएं राठ नोडल स्कूल में आयोजित की गईं। कार्यक्रम की प्रभारी, जिला संस्कृति पदाधिकारी एवं जिला सूचना और जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती नंदिनी मुंडारी ने स्वागत भाषण दिया और महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव प्रत्येक वर्ष जिला स्तर पर आयोजित किया जाता है, और प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को 25 दिसंबर को भुवनेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के लिए चयनित किया जाएगा।


युवाओं के विकास में मददगार महोत्सव

अपर जिलाधिकारी श्री रवि नारायण साहू और मुख्य विकास अधिकारी श्री सुरंजन साहू ने अपने उद्बोधन में युवा महोत्सव को लोक कला और संस्कृति का उत्कृष्ट माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से युवाओं की आंतरिक प्रतिभा का विकास होगा और उन्हें अपने विचार और प्रतिभा को साझा करने का एक मंच मिलेगा। उनके अनुसार, युवा महोत्सव युवाओं के लिए नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।


प्रतियोगिताएं और भागीदारी

युवा महोत्सव में विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जैसे:

  • समूह लोक नृत्य
  • समूह लोक संगीत
  • व्यक्तिगत लोक नृत्य
  • व्यक्तिगत लोक संगीत
  • कविता लेखन (हिंदी और अंग्रेजी)
  • फिक्शन राइटिंग (हिंदी और अंग्रेजी)
  • क्लिनिकल आर्ट (हिंदी और अंग्रेजी)
  • ड्राइंग प्रतियोगिता

इन प्रतियोगिताओं में जिले के विभिन्न ब्लॉकों और कस्बों से 15 से 29 वर्ष के प्रतिभागियों ने भाग लिया। विजेताओं को सम्मानित किया गया और उन्हें आगामी राज्य स्तरीय महोत्सव में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में स्कूल के शिक्षक, छात्र और विभिन्न संस्थाओं के सदस्य उपस्थित थे।


कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन अखाड़ादेव नंदा ने किया। इस आयोजन के माध्यम से जिले के युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया और युवा महोत्सव को एक यादगार घटना बना दिया।


निष्कर्ष: सुंदरगढ़ में आयोजित यह जिला स्तरीय युवा महोत्सव जिले के युवाओं को अपनी कला और संस्कृति के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा अवसर साबित हुआ। इस महोत्सव ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान किया।

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