प्रदेश सरकार का हर फैसला जनविरोधी,तानाशाही हावी — कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप-साय केबिनेट के फैसलों से जनता में बढ रही नाराजगी
रायगढ़। बीते दिनों छग सरकार ने प्रापर्टी की दरों में संशोधन कर कलेक्टर गाईडलाइन दरों में 100 से 800% तक की वृद्धि कर दी है , जिससे किसान,छोटे व्यवसायी,कुटीर उद्यमी,मध्यम वर्ग,रियल एस्टेट क्षेत्र और निवेशक सभी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी साय केबिनेट के इस फैसले को जनविरोधी बताया है। पार्टी की ओर से एक बयान जारी कर पीसीसी प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सत्ता मे आने के बाद लिए गये तमाम फैसलों को जनविरोधी बताया है ।
इसी कड़ी में हाल मे लिए गये जमीनों की कीमत में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रांतीय कांग्रेस प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने कहा कि यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक रीढ़ पर सीधी चोट है और इससे व्यापक असंतोष फैलना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि,सरकार दावा कर रही है कि नए गाईडलाइन से किसानों को भूमि अधिग्रहण में अधिक मुआवजा मिलेगा,जबकि वास्तविकता यह है कि केवल 1% भूमि ही अधिग्रहण में आती है, बाकी 99% जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल दिया गया है।उन्होंने पंजीयन शुल्क को फिर से 0.8% करने और पुरानी गाईडलाइन बहाल करने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने आगे कहा कि इससे पहले डॉ.रमन सरकार ने भी छोटी रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी किंतु पिछली कांग्रेस सरकार ने 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री शुरू कर तथा गाईडलाईन की दर में 30 प्रतिशत छूट कर प्रदेश में रियल स्टेट सेक्टर में प्राण फूंका था, यही कारण था कि कोरोना के समय भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत थी। वर्तमान सरकार के निर्णय से बेरोजगारी बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था तबाह होगी,रियल स्टेट में गिरावट आयेगी और आम जनता पर राजस्व का बोझ बढ़ेगा।हरेराम तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद भूमि की सरकारी कीमत 40 से 430 प्रतिशत बढ़ गयी,इससे जमीन व्यवसाय ठप्प हो गया।
सरकार के द्वारा जमीन की रजिस्ट्रियों के संबंध में,भूमि के गाईडलाईन के संबंध में सरकार के फैसले जनता के हितों के खिलाफ हैं।कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार रियल स्टेट सेक्टर देता है, सरकार के इस अनुचित फैसले से छत्तीसगढ़ में रियल स्टेट व्यवसाय की कमर टूट जायेगी।कांग्रेस के मुताबिक यही वजह है कि जमीन रजिस्ट्री की नई गाईडलाइन को लेकर जारी विवाद अब और तेज हो गया है। विपक्ष,व्यापारी संगठन और आम नागरिक लगातार विरोध जता रहे हैं। पीसीसी प्रवक्ता ने आगे कहा कि राज्य में साय सरकार बनने के बाद से ही गलत फैसलों की श्रृंखला चल रही है।
जिससे आम जनता की जेब पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है।चाहे वह बिजली बिल हाफ का मुद्दा हो या हालिया जमीन पंजीयन गाईडलाइन। यहां तक कि महतारी वंदन योजना का पहले ढोल पीटकर अब हितग्राहियों के नाम काटे जा रहे हैं। हर फैसले से जनता को नुकसान ही हुआ है।हरेराम तिवारी ने कहा कि जमीन की दर मे किया गया संशोधन वापस लेने की मांग मे कांग्रेस का हाथ कारोबारियों और किसानों के साथ है, तथा इस विषय में जरुरत पड़ने पर आंदोलन और रजिस्ट्री का सार्वजनिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
भाजपा में भी नाराजगी
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता हरेराम तिवारी ने जमीन की दरवृद्धि को लेकर बीजेपी में भी बढ़े असंतोष की ओर इशारा करते हुए कहा कि स्थिति यह है कि इस निर्णय को लेकर अब सत्ता पक्ष भी असहज दिखाई देने लगा है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नई गाईडलाइन को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने इसे अव्यावहारिक और बिना जन-परामर्श के लिया गया कदम बताया।




