छत्तीसगढ़

अपर सत्र न्यायाधीश सारंगढ़ के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सारंगढ द्वारा आरोपी अंकित कोसले को10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया

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न्यायालय माननीय अपर सत्र न्यायाधीश सारंगढ़ के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सारंगढ़ श्री अमित राठौर के न्यायालय में थाना सारंगढ़ के अपराध जो कि विशेष आपराधिक प्रकरण अंतर्गत पॉक्सो एक्ट से संबंधित है में आरोपी अंकित कोसले पिता लक्ष्मी दत्त कोसले उम्र 22 वर्ष निवासी  ग्राम हिरी` थाना सारंगढ़ जिला-सारंगढ़ बिलाईगढ़ के द्वारा   नाबालिक पीड़ित बालिका को शादी करने की बात बोलकर निरंतर शारीरिक संबंध बनाया था इसके संबंध में पीड़ित बालिका के द्वारा थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया गया था,

जिस पर थाना – सारंगढ़  मे अपराध पंजीबद्ध कर माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था । पीडित बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम होने पर प्रकरण लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का पाये जाने से माननीय अपर सत्र न्यायाधीश सारंगढ़ के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सारंगढ़ द्वारा मामले का त्वरित विचारण कर सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान पर विचार करने के बाद  आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4 (1) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया है।

एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (2) (m) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया है अदालत के द्वारा मामले की सवेदनशीलता को देखते हुए पीडिता के शारीरिक एवं मानसिक क्षति एवं पुनर्वास हेतु लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत राज्य शासन को प्रतिकर भुगतान किये जाने की अनुशंसा की गई है।

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सुरक्षा प्रदान करता है यह फैसला बाल सुरक्षा एवं यौन अपराध के खिलाफ राज्य शासन एवं न्याय पालिका की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण  अधिनियम 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रभावित करता है, इस प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रफुल्ल कुमार तिवारी ने अभियोजन का पक्ष रखते हुए पैरवी की।

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