श्री बाला जी, गाड़ोदिया, कालू, मां चंद्रहासिनी चुना भट्ठा पर खनिज विभाग मेहरबान

खनिज विभाग के रहते खनिज की खुले आम चोरी ,फैल हुआ खनिज विभाग
राजस्व का संपत्ति खुले आम चोरी, खनिज विभाग का सुस्त कार्यशैली पर गम्भीर सवाल
नवीन जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत गुड़ेली यहां कुछ ऐसे बड़े धुरंधर है जो अपने आप को कानूनी नियमों से बढ़ कर अपने आप को समझ कर नियमों के विरुद्ध धंधा चला रहे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं गुड़ेली के श्री बाला जी , गाड़ोदिया व मां चंद्रहासिनी चूना भट्ठा का। अगर आप एक बार गुड़ेली टिमरलगा से गुजरेंगे तो आपको बताने की आवश्यकता नहीं होगा कि गुड़ेली टिमरलगा के लोगों ने अपने जीवन प्रदूषण और बीमारियों के बीच जी रहे हैं।
यह केवल नियमों शर्ते का पालन करना या शासन के संपत्ति का विषय नहीं है ये उनके मासूम लोगों का जीवन का सवाल है जो चूना भट्ठों से होने वाला प्रदूषण का मुख्य कारण है। आज गुड़ेली टिमरलगा में सास लेना या रहना काफी मुश्किल बनता जा रहा है। बड़े पैमाने पर उद्योगपति रात दिन अवैध चूना पत्थर खरीद कर अपने चूना भट्ठों पर बेलगाम प्रदूषण के बारिश जा रहे हैं। लोगों को रात दिन प्रदूषण भरे सास लेने में लोग मजबूर हैं अपना घर छोड़ कर जाए तो कहा जाएं। प्रदूषण इतना ज्यादा होता है कि रास्ता दिखाई तक नहीं देता।
इस गांव में जिला के बड़े बड़े आ कर चले गए मगर किसी ने इस गांव के हालत को समझा नहीं किस हाल में लोग अपना जीवन काट रहे हैं। लोगों को अब अधिकारी से भरोसा उठता जा रहा है । अधिकारी से ले कर जनप्रतिनिधि को पूरा सिस्टम का जानकारी पता है लेकिन यह कलयुग चल रहा यह किसी को कोई मतलब नहीं। यह के जनता भगवान भरोसे अपना जीवन काट रहे हैं। अब ये प्रदूषण भरे जीवन कब तक चलेगा आने वाला समय ही बतायेगा या कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी ये अब आने वाला समय पर ही बताया जा सकता है। फिलहाल अभी लोगों को प्रदूषण से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रति दिन सैकड़ो टन अवैध पत्थर खपत, रॉयल्टी किसी की पत्थर किसी और का
गुड़ेली में स्थित तमाम चूना भट्ठा कालाबाजारी का दुकान है पत्थर बेचने वाला खनन कर्ता के पास वैध लीज नहीं है, पत्थर माफिया अपने अवैध खनन कर पत्थर को बिना किसी अनुमति के चूना भट्ठा के संचालक को बेचते है। इस अवैध चूना पत्थर का फिक्सिंग रेट तय होता है प्रति दिन सैकड़ो टन 250से 300 सौ रुपए के हिसाब से सैकड़ो टन बेचे जा रहे हैं। और बड़े चतुर भट्ठा संचालक रॉयल्टी पर्ची किसी और अन्य व्यक्ति के पास से खरीद कर अपने पास रखता है ताकि कभी भविष्य में जांच करते हैं तो खरीदे गए रॉयल्टी पर्ची को बताया जायेगा।
लेकिन प्रतिदिन जो पत्थर खपत हो रहा है उसका जांच कोन करेगा? यह तमाम अवैध खेल खनिज विभाग और चूना भट्ठा के संचालक के ही मिलीभगत का दोस्ती का कमाल है। इसका जांच करने वाला खनिज अधिकारी इस विषय पर कभी ध्यान नहीं दिया। कारण बताया जाता है कि चूना भट्ठा के संचालक खनिज विभाग में अपन सहयोग बखूबी निभा रहे है। लगातार कई सालों से इन भट्ठों ने शासन को काफी लाखों करोड़ों रुपए का चूना लगाएं हैं। तथा भरपुर मेंटेनेंस विभाग ने दिया।







