हनुमानगढ़ में मजदूर संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, चार लेबर कोड व मनरेगा बदलावों का विरोध

हनुमानगढ़ | चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड), मनरेगा योजना में प्रस्तावित बदलावों, बिजली विधेयक 2025 एवं बीज विधेयक के खिलाफ आज हनुमानगढ़ में मजदूर संगठनों द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिलाधीश कार्यालय के समक्ष आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर, किसान और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा योजना का नाम बदलकर “वीबी जी राम जी” करने के साथ-साथ उसमें ऐसे बदलाव कर रही है, जो सीधे तौर पर मजदूरों के अधिकारों पर हमला हैं। वक्ताओं ने कहा कि फसल कटाई के समय नरेगा कार्य बंद करने का प्रस्ताव मजदूरों को सामंतों और बड़े जमींदारों का गुलाम बनाने की साजिश है। इससे मजदूरों को मजबूरी में खेतों में निजी काम करने के लिए बाध्य किया जाएगा।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि बिजली विधेयक 2025 और बीज विधेयक जनविरोधी हैं, जिनसे आम जनता, किसान और मजदूरों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इन विधेयकों के माध्यम से निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने और गरीब तबके के हितों की अनदेखी की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार को चेतावनी दी कि यदि मजदूर विरोधी नीतियों को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चारों लेबर कोड, मनरेगा में किए गए बदलाव, बिजली विधेयक, शांति विधेयक और बीज विधेयक को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन मजदूर संगठनों ने स्पष्ट कर दिया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार हैं।




