नाबालिग कों बहला फुसलाकार भगा ले जाकर जबरन दुष्कर्म के मामले मे सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, मामले का आरोपी किया गया गिरफ्तार
थाना लखनपुर पुलिस टीम द्वारा मामले मे आरोपी के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही
पुलिस टीम द्वारा त्वरित कायवाही करते हुए पीड़िता कों किया गया बरामद
नाबालिग सम्बन्धी अपराधों मे सरगुजा पुलिस द्वारा की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही
सरगुजा पुलिस द्वारा नाबालिग सम्बन्धी अपराधों मे शामिल आरोपियों पर लगातार सख़्ती से कार्यवाही कर धरपकड़ की जा रही हैं, इसी क्रम मे मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार हैं प्रार्थिया दिनांक 28/12/24 कों थाना लखनपुर आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि घटना दिनांक 16/12/24 कों प्रार्थी की नाबालिग लड़की बिना बताये कही चली गई हैं,
आस पास रिश्तेदारो में पता तलाश किया गया जो खोजने से नही मिल रही हैं, प्रार्थी द्वारा शंका व्यक्ति किया गया कि प्रार्थिया की नाबालिग लड़की कों कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसला कर ले गया हैं, प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना लखनपुर मे अपराध क्रमांक 319/24 धारा 137 (2) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा नाबालिग बालिका का पता तलाश किया जा रहा था, पुलिस टीम के सतत प्रयास से नाबालिग बालिका कों बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया, नाबालिग बालिका कों बरामद करने पश्चात महिला अधिकारी द्वारा नाबालिग से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किया गया जो पीड़िता बताई कि आरोपी भगत राम पीड़िता कों पसंद करने की बात बोलकर शादी करने का झांसा देकर कई बार जबरन दुष्कर्म की घटना कारित किया गया हैं,
पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपी कों हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम भगत राम उम्र 19 वर्ष साकिन नावापाराकला थाना दरिमा का होना बताया आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर नाबालिग कों बहला फुसला कर पसंद करने की बात बोलकर शादी करने का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म की घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे 64(2)(ड) बी.एन.एस. एवं पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6 जोड़कर आरोपी कों गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा जाता हैं।
सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी लखनपुर निरीक्षक अश्वनी सिंह, उप निरीक्षक प्रेम सागर खुटिया प्रधान आरक्षक शिवशंकर, महिला आरक्षक मनिता तिग्गा, आरक्षक दशरथ राजवाड़े, अमरेश दास, जानकी राजवाड़े, रामप्रसाद पैकरा सक्रिय रहे।




