नारायणपुर पुलिस की बड़ी पहल: अबूझमाड़ में नक्सलियों के गढ़ मन्दोड़ा में तीसरा नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प स्थापित

नारायणपुर। शांत, सुरक्षित और नक्सलमुक्त अबूझमाड़ की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाते हुए नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों की अघोषित राजधानी कुतुल के भीतर स्थित ग्राम मन्दोड़ा में तीसरा नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प स्थापित किया है। यह कैम्प “माड़ बचाओ अभियान” के तहत थाना कोहकामेटा क्षेत्र में खोला गया है।
नवीन कैम्प की स्थापना नारायणपुर पुलिस, डीआरजी तथा आईटीबीपी की 53वीं, 41वीं, 29वीं और 45वीं वाहिनी के संयुक्त प्रयासों से की गई है। कैम्प का उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती देना, क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा विकास योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 को स्थापित यह कैम्प नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र में माओवादियों के आश्रय स्थल मन्दोड़ा में खोला गया है। इसके खुलने से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है और विकास कार्यों को लेकर उत्साह का माहौल बना है। यह कैम्प जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 62 किलोमीटर तथा थाना कोहकामेटा से 34 किलोमीटर दूर स्थित है।
नवीन कैम्प से मन्दोड़ा सहित आसपास के गांवों—कुमनार, बोयेर, कुमम, गोंडेकोट आदि—में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ अब विकास कार्यों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में कुतुल सहित कई दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार कैम्प स्थापित कर नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र को सीमित किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए जा रहे इन अभियानों से बस्तर को नक्सलमुक्त और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति देखी जा रही है।




