वन क्षेत्रों में अवैध कटाई व आदिवासी समस्याओं को लेकर युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर। बस्तर जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में बढ़ती अवैध वृक्ष कटाई, वन भूमि अतिक्रमण, मानव–वन्यजीव संघर्ष तथा आदिवासी व ग्रामीण समुदायों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर युवा कांग्रेस जिला बस्तर ने वन विभाग के समक्ष आवाज बुलंद की है। इसी कड़ी में युवा कांग्रेस आदिवासी नेता हेमंत कश्यप के नेतृत्व में आज वनमंडल अधिकारी (DFO) बस्तर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि जिले के कई वन क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के मामलों में लगातार इज़ाफा हो रहा है। वन भूमि पर अतिक्रमण, सीमांकन में अनियमितताएँ तथा वनकर्मियों की भारी कमी के कारण नियमित गश्त नहीं हो पा रही है, जिससे वन संरक्षण की व्यवस्था कमजोर पड़ती जा रही है।
युवा कांग्रेस आदिवासी नेता हेमंत कश्यप ने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ने से किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं और मवेशियों पर हमले हो रहे हैं, लेकिन प्रभावित ग्रामीणों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। वहीं वनाधिकार कानून (FRA) के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक पट्टों की स्वीकृति में भी अनावश्यक देरी की जा रही है।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि तेंदूपत्ता, महुआ, चार, सालबीज जैसे वनोपज संग्राहकों को उचित मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए। साथ ही वन ग्रामों में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराई जाएँ।
युवा कांग्रेस नेताओं ने वन विभाग से अवैध कटाई रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने, सभी बीटों में वन रक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने, अतिक्रमित वन भूमि का सर्वे कर कार्रवाई करने तथा वन संरक्षण, आग नियंत्रण और जन-जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए वनमंडल अधिकारी के प्रतिनिधि रेंजर श्री रजक ने समस्याओं पर शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं युवा कांग्रेस बस्तर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर उपस्थित रहे:
युवा कांग्रेस आदिवासी नेता हेमंत कश्यप, विजय भारती, एकादशी बघेल, महादेव, अभिषेक, कृष्णा, गौतम, ओमप्रकाश, सुखचंद एवं गीतू भागीरथी।




