छत्तीसगढ़

ऑपरेशन आघात: जशपुर पुलिस ने पकड़ी ₹3 करोड़ की अवैध शराब, दो ट्रक जब्त

➡ दो दिनों में बड़ी कार्रवाई, 14,027 लीटर अवैध शराब जप्त, दो आरोपी गिरफ्तार
➡ पंजाब से बिहार और झारखंड में हो रही थी शराब तस्करी, पुलिस ने गिरोह के नेटवर्क का किया भंडाफोड़

जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन आघात के तहत अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन करोड़ रुपये मूल्य की 14,027 लीटर शराब जप्त की है। पुलिस ने दो ट्रक और दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।

दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई, एक और ट्रक जब्त

विगत दो दिनों में पुलिस ने दूसरी बार अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ने में सफलता हासिल की। हाल ही में हुई कार्रवाई के आधार पर पुलिस को शराब से भरे एक और ट्रक की जानकारी मिली, जिसके बाद अनूपपुर (मध्य प्रदेश) में दबिश देकर यूपी नंबर के ट्रक को जब्त किया गया।

पकड़ा गया ट्रक: UP-14DT-7849
गिरफ्तार आरोपी: बलविंदर उर्फ गोलू (25 वर्ष), निवासी पटियाला, पंजाब
जब्त शराब: 784 पेटी (7012 लीटर), अनुमानित मूल्य ₹1.5 करोड़

कैसे हुआ खुलासा?

दो दिन पहले, जशपुर पुलिस ने लोरो घाट के पास सरदार ढाबा के पास एक ट्रक (PB-11CP-2003) को पकड़ा था, जिसमें पुट्टी सीमेंट की बोरियों के नीचे 7015 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब छुपाई गई थी। इस ट्रक के ड्राइवर श्रवण सिंह (43), निवासी चंबा, पंजाब को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने जब गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल डेटा की जांच की, तो अवैध शराब से भरे एक और ट्रक का पता चला। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जशपुर पुलिस की टीम अनूपपुर (मध्य प्रदेश) रवाना हुई।

तस्करी का तरीका: ड्राइवर भी नहीं जानते थे शराब की सही लोकेशन

आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि तस्कर एक विशेष पैटर्न में काम करते थे।

  • ट्रक चालकों को हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर एक खास लोकेशन पर ट्रक सौंपा जाता था।
  • ट्रक को झारखंड के हजारीबाग भेजा जाता, जहां दूसरा तस्कर समूह ट्रक अपने कब्जे में ले लेता।
  • ट्रक से शराब कहीं और अनलोड की जाती, जबकि ड्राइवर को वापस भेज दिया जाता।
  • खाली ट्रक को लौटाकर ड्राइवर को माल का पैसा सौंप दिया जाता।

अब तक की बड़ी जब्ती

➡ कुल जब्त शराब: 1,574 पेटी (14,027 लीटर)
➡ कुल जब्त ट्रक: 2
➡ गिरफ्तार आरोपी: 2
➡ कुल बाजार मूल्य: ₹3 करोड़

तस्करों की रणनीति और पुलिस की अगली कार्रवाई

तस्कर ग्रामीण और टोल-फ्री सड़कों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि पुलिस जांच से बचा जा सके। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जल्द ही इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए गहन जांच की जाएगी। इस ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम को नकद इनाम देकर सम्मानित किया जाएगा।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button