राउरकेला में धोखाधड़ी क्रेडिट कार्ड योजना का पर्दाफाश

राउरकेला पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने वित्तीय रिकॉर्ड में हेराफेरी, जाली दस्तावेज़ों और अनधिकृत नकद निकासी से जुड़ी एक धोखाधड़ी क्रेडिट कार्ड योजना का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। आईसीआईसीआई बैंक की शिकायत पर 52,90,000 रुपये की धोखाधड़ी के मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें ब्याज सहित बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई थी।
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद तबरेज़ आलम ने कई लोगों को स्थिर आय के बावजूद क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने का लालच दिया और उन्हें उच्च सीमा वाले क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए लुभाया। उसने उदितनगर स्थित एक टैक्स और अकाउंट सर्विसेस फर्म के साथ मिलीभगत करते हुए जाली आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए और जाली दस्तावेजों के आधार पर उच्च सीमा वाले क्रेडिट कार्ड हासिल किए।
आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी ने इन जाली दस्तावेजों को स्वीकार कर क्रेडिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को पूरा किया, जिसके बाद इन कार्डों का इस्तेमाल राउरकेला के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नकद लेनदेन के लिए किया गया। ग्राहक इन कार्डों के जरिए नकद प्राप्त करते थे, जिसे बाद में ईएमआई में बदला जाता था।
आगे की जांच से यह भी पता चला कि तबरेज़ आलम के बैंक खाते में सितंबर 2023 से अगस्त 2024 तक 2.7 करोड़ रुपये का क्रेडिट संचय हुआ, जिसमें कई धोखाधड़ी लेन-देन शामिल थे। इसी प्रकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट (टैक्स और अकाउंटिंग सर्विसेस के मालिक) के बैंक खाते में भी 8 करोड़ रुपये का क्रेडिट संचय हुआ, जिसमें धोखाधड़ी लेन-देन की पुष्टि की गई।
ईएमआई के भुगतान में अनियमितताएं पाई गईं, और कभी-कभी यह तबरेज़ आलम को सौंप दिया जाता था, जो कमीशन काटने के बाद भुगतान करता था। व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने इन धोखाधड़ी लेन-देन को सुगम बनाया, जिससे क्रेडिट कार्ड के धन का दुरुपयोग हुआ।
साइबर क्राइम पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और आगे की जांच जारी है।




