
सुधा के दो और गीता के तीन पुस्तकों के विमोचन का भव्य कार्यक्रम सम्पन्न
विगत दिनांक 20-10-2024 को रायगढ़ नगर के मध्य स्थित एक सुप्रतिष्ठित होटल के सभागार में पांच पुस्तकों का विमोचन एवं लोकार्पण का कार्यक्रम एक भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रायगढ़ सांसद माननीय श्री राधेश्याम राठिया रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ख्यातिप्राप्त वरिष्ठतम वयोवृद्ध विद्वान कवि प्रोफेसर के. के. तिवारी जी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में खरसिया से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार श्री मनमोहन सिंह ठाकुर जी, रायगढ़ के सम्मानित प्रोफेसर श्री अम्बिका वर्मा जी, वरिष्ठ साहित्यकार श्री कमल बोहिदार जी मंचासीन रहे।
समारोह का शुभारंभ माँ वीणापाणि के पूजन व दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। माँ सरस्वती वंदना को डॉ . गीता उपाध्याय ‘मंजरी’ जी ने अपनी सुमधुर कंठ से गा कर समर्पित किया तथा स्वागत गीत श्रीमती लीसा पटेल द्वारा गायन किया गया । इस अवसर पर दोनों ही कवियित्रियों के जीवन परिचय एवं उनकी उपलब्धियों पर संचालिका द्वारा प्रकाश डाला गया।
माननीय सांसद जी के हाथों रायगढ़ नगर की वरिष्ठ कवियित्री डॉ. गीता उपाध्याय ‘मंजरी’ जी के ‘श्रीमद्भगवद्गीता संपूर्ण के स्वरचित दोहानुवाद’ का साहित्यिक लोकार्पण किया गया और ग़ज़ल पुस्तक ‘ज़िन्दगी’ एवं ‘छंद गीतांजलि’ इन दो पुस्तकों का विमोचन किया गया तथा घरघोड़ा की डॉ. सुधा पण्डा’प्रज्ञा’ जी द्वारा स्वरचित ‘छंद सुधारस’ का लोकार्पण एवं ‘नव छंद रस’ का विमोचन किया गया । इस प्रकार इन दोनों कवियित्रियों के द्वारा स्वरचित कुल 5 पुस्तकों का विमोचन व लोकार्पण किया गया । रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि, दोनों दीदियों द्वारा की गयी इस साहित्यिक मेहनत का संदेश गांव गांव तक पहुंचे और जन जन इस ज्ञान से लाभान्वित हो। इस अवसर पर यहाँ के ख्यातिप्राप्त विद्वान कवि कवियित्रियों के साथ ही कला तथा संगीत गुरु की भी गरिमामय उपस्थिति रही। पांचों पुस्तकों के विमोचन और लोकार्पण के पूर्व काव्य पाठ का भी आयोजन किया गया जिसमें, उपस्थित कवि, कवियत्रियों ने अपनी अपनी रचनाओं का पाठन कर वातावरण को साहित्यिक रंग और सुगंध से सुवासित किए। कार्यक्रम का सफल संचालन छंदज्ञ श्रीमती धनेश्वरी देवांगन’धरा’ द्वारा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
समारोह में, ख्यातिलब्ध साहित्यकार श्री रमेश शर्मा जी, सम्मानित विद्वान व वरिष्ठ कवि श्री भागीरथी उपाध्याय जी, राष्ट्रीय कवि श्री रामगोपाल शुक्ला जी , बाल साहित्यकार व विचारक श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव जी, कर्मठ, शिक्षा व अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कलाविद श्री मनोज श्रीवास्तव जी , वरिष्ठ कवि कला व संगीत गुरु श्री मनहरण सिंग ठाकुर जी, वरिष्ठ गीतकार कवि श्री प्रदीप उपाध्यायजी, श्री कन्हैयालाल गुप्ता जी, श्री अमित शर्मा जी, धूम कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता कवि श्री राघवेंद्र जी, घनाक्षरी के चितेरे श्री अरविंद सोनी ‘सार्थक’जी,ओज के हस्ताक्षर डॉ.श्रीगुलशन खम्हारी जी, बांसुरी व चारकोल चित्र के कलाकार श्री युगल किशोर उपाध्याय जी, सक्रिय विद्वान शिक्षक श्री नरेंद्र दुबे, श्रीनरेश पण्डा जी,ख्यातिलब्ध सम्मानित श्री देवेन्द्र कुमार पण्डा जी , राज्य सम्मान से सम्मानित सजल व छंद मर्मज्ञ श्रीमती अरूणा साहू जी, परम विदुषी व छंदज्ञ श्रीमती साधना मिश्रा जी, काव्यवाटिका संचालिका छंदज्ञ डॉ. आशा मेहर जी, सक्रिय शिक्षिका एवं मानव कल्याण मंच की संचालिका छंदज्ञ सुश्री सुशीला साहू,छंद कवियित्री श्रीमती लीशा पटेल जी, हास्य कवियित्री श्रीमती सरोज साहू जी , सक्रिय सहृदय छंदज्ञ श्रीमती रजनी वैष्णव जी, श्रीमती अर्चना षड़ंगी जी, श्रीमती विभा उपाध्याय जी नवांकुर श्रीमती सीमा पटेल जी , आदरणीया श्रीमती मधु पण्डा जी, श्रीमती प्रभाषिनी पण्डा जी की गरिमामयी उपस्थिति के साथ ही स्वयं डॉ. गीता उपाध्याय’ मंजरी’ एवं डॉ. सुधा पण्डा’प्रज्ञा’ जी एवम् नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। इस सफल समारोह का समापन श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव वरिष्ठ साहित्यकार के द्वारा आभार प्रदर्शन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।