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राउरकेला रेलवे कालोनी में चार दिनों से जलापूर्ति ठप्प

पानपोष पंप हाउस में लगे चार पंप में तीन खराब
केवल एक पंप से ही हो रही है जलापूर्ति ,
रेलवे के आला अधिकारी पंप हाउस में करा रहे हैं पंप की मरम्मत

राउरकेला। पानपोष पंप हाउस में लगे वाटर सप्लाई पंपों में त्रूटि आ जाने से पिछले चार दिनों से राउरकेला रेल क्षेत्र में जलापूर्ति ठप्प पड़ा हुआ है। क्वार्टरों में पानी किल्लत से रेलकर्मी काफी परेशान हैं। पानपोष पंप हाउस में लगे चार पंपों में से केवल एक पंप ही काम कर रहा जिससे रेलवे क्षेत्र में क्वार्टरों में जलापूर्ति नहीं के बराबर हो रहा है। रेलवे की और से पानपोष पंप हाउस में पंप की मरम्मत की जा रही वहीं रेलवे क्वार्टरों में टेंकर से पानी की जरुरतों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे कालोनी में पानी की दिक्कत होने से रेल कर्मचारियों को भारी पेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

खास कर रनिंग कर्मचारियों को ज्यादा दिक्कत हो रहा है। रात भर ड्यूटी करके क्वार्टर में पहुंचने के बाद उन्हें क्वार्टरों में पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। रेल विभाग के डीईई टीआरएस एस के सामल पंप हाउस में पंप के मरम्मत में लगे हुए है। बताया जाता है कि पानपोष पंप हाउस में रेलवे क्षेत्र मेंं जलापूर्ति के लिए चार पंप लगाया गया है जिसमें 2 पंप पहले से खराब पड़े हैं। एक पंप में स्टाटर में त्रूटि होने के कारण वह भी निष्क्रीय है। केवल एक पंप से ही पूरे रेल क्षेत्र में जलापूर्ति हो रहा है। जिसके कारण सभी क्वार्टरों मेंं पानी नहीं पहुंच पा रहा है। बताया जाता है पानी की किल्लत को देखते हुए रेलवे में मंगलवार को 2 हजार लीटर का एक टैंकर मंगवाकर रेलवे कालोनी के क्वार्टरों में पानी पहुंचा रही है।

वहीं बुधवार को भी 2 हजार लीटर के टेंक से पानी पहुंचाया गया। रेलवे की और से पंप का मरम्मत नहीं होने तक 10 हजार लीटर का एक वाटर टैंकर मंगवाने की तैयारी की जा रही है। बताते चलें की राउरकेला रेलवे क्षेत्र में पिछले रविवार सुबह को क्वार्टरों में जलापूर्ति होने के बाद से जलापूर्ति ठप हो गया है। बताया जाता है की रेलवे दावा करती है की क्वार्टरों में प्रतिदिन 40 मिनट तक जलापूर्ति किया जा रहा है लेकिन रेल कर्मियों के अनुसार क्वार्टरों में प्रतिदिन केवल 25 से 30 मिनट तक जलापूर्ति किया जा रहा है। राउरकेला आई ओ डब्ल्यू ऑफिस में डीप बोरवेल किया गया है तथा 8 से 10 समर सिब्बल लगाकर जलापूर्ति किए जाने के दावा किया जा रहा है। लेकिन क्वार्टरों में पानी की किल्लत समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है।

बताया जाता है की रेलवे क्वार्टरों में जलापूर्ति की योजनाओं में ठेकेदारों से रेलवे अधिकारियों के द्वारा मोटी कमीशन लेकर जमकर फायदा पहुंचाया गया है। जिसके फलस्वरूप मोटर ,पाइप, टंकी तथा इसके अनुसांगिक कार्यों में लगाए गए उपकरणों में गुणवत्ता का बिलकुल ध्यान नहीं रखा गया। इसके कारण क्वार्टरों में जलापूर्ति की योजनाएं फेल हो गई है। रेलवे विभाग के कर्मचारियों तथा उनके परिवार वालों की ओर से ट्वीट कर रेलवे के अधिकारियों को क्वार्टरों में जलापूर्ति की बदहाली को लेकर जमकर खरी खोटी सुनाया जा रहा है। रेल कर्मचारी राउरकेला इस्पात संयंत्र के क्वार्टरों में पानी सप्लाई का हवाला देते हुए रेलवे के क्वार्टरों को भी आरएसपी के क्वार्टरों के तर्ज पर चुस्त दुरुस्त कर उनमें सुव्यवस्थित जलापूर्ति किए जाने की मांग की जा रही है। राउरकेला और बंडामुंडा रेल क्षेत्र में जलापूर्ति योजना में किए गए भ्रष्टाचार की जांच तथा इसमें डीआरएम को स्वयं संज्ञान लेने की मांग की जा रही है।

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