छत्तीसगढ़

मनरेगा बचाओ पदयात्रा ग्राम दावा से शुरू, टी.एस. सिंहदेव रहे शामिल

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मनरेगा को बचाने मजदूरी बढ़ाने से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम का तहसीलदार उदयपुर को सोपा गया

उदयपुर । कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ अभियान के तहत सोमवार को ग्राम दावा, थाना उदयपुर से पदयात्रा की शुरुआत की गई। पदयात्रा में भूतपूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव एवं वरिष्ठ नेता प्रेमसाय टेकाम पैदल शामिल हुए।

इस दौरान टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी द्वारा बनाया गया मनरेगा कानून गरीबों और मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार देता था, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे कमजोर कर एक योजना में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकार समाप्त होने से ग्रामीण मजदूरों का रोजगार संकट में पड़ गया है।

पदयात्रा के दौरान “मनरेगा वापस दो”, “हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो, टी.एस. सिंहदेव जैसा हो” जैसे नारे लगते रहे। यात्रा में विकासखंड के सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं मनरेगा श्रमिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

करीब 7 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद बस स्टैंड उदयपुर में मनरेगा को बचाने मजदूरी बढ़ाने से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार विकास जिंदल को माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके पश्चात स्थानीय विश्राम गृह उदयपुर में कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रेमसाय टेकाम, जे.पी. श्रीवास्तव, शेखर सिंह देव, प्रमोद चौधरी, अविनाश कुमार, अनूप मेहता, जनपद अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, नीरज मिश्रा, संतोष गुप्ता, रोहित टेकाम, द्वारिका यादव, राम बिलास अग्रवाल, जगदीश जायसवाल, अमृत यादव, सूरज यादव, प्रकाश सोनी, विभा सिंह, शांति राजवाड़े, त्रिलोचन सिंह, चंदन एक्का, प्रताप सिंह, बिहारी, गोलन सिंह, योगेंद्र पैकरा, कुंजल राजवाड़े सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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