PMGSY सड़क पर दौड़ रही 35–40 टन की राखड़ गाड़ियां, नियमों की खुली अनदेखी

सक्ती, छत्तीसगढ़ । सक्ती जिले के पिरदा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़क पर भारी वाहनों का बेरोकटोक आवागमन ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अमलीडीह–पिरदा मार्ग, जो 10 से 12 टन क्षमता वाले वाहनों के लिए निर्मित की गई है, उस पर नियमों को ताक पर रखकर 35 से 40 टन तक वजन ढोने वाली राखड़ गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है, वहीं गांव की संकरी सड़क पर ये वाहन मौत बनकर चल रहे हैं। पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से आवागमन करना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की लापरवाही और गहरी नींद के कारण पिरदा में बनी PMGSY सड़क पर राखड़ गाड़ियों का अवैध संचालन जारी है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इन राखड़ माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है।
गौरतलब है कि पिरदा से जोगीडीपा तक पक्की सड़क निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन आज तक यह सड़क नहीं बन पाई। मजबूरी में गांव को जोड़ने वाली अमलीडीह–पिरदा सड़क पर ही भारी वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि PMGSY सड़क पर भारी वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए और पिरदा से जोगीडीपा तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द शुरू किया जाए, ताकि गांववासियों को राहत मिल सके।




