
रायगढ़। शहर में दीपावली की रौनक चरम पर है, लेकिन इसी रौनक के बीच सुरक्षा नियमों की जमकर अनदेखी हो रही है। शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम परिसर में लगी फटाखा दुकानों में न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है, न ही प्रशासन की सख्ती दिखाई दे रही है। आश्चर्य की बात यह है कि यह पूरा बाजार एसडीएम कार्यालय के ठीक सामने संचालित हो रहा है, जहां नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की है। त्योहार खुशियों का प्रतीक है, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी से ये खुशियां हादसे में न बदलें, इसके लिए प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। फटाखा विक्रेताओं और संघ दोनों को चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें ताकि दीपों का यह पर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके।
अध्यक्ष की दुकान में भी नियमों की अनदेखी
रायगढ़ फुटकर फटाखा व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष साजू खान की दुकान में भी निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। गाइडलाइन के अनुसार, एक दुकान से दूसरी दुकान के बीच कम से कम तीन फीट की दूरी अनिवार्य है, परंतु बाजार की किसी भी दुकान में यह दूरी नहीं रखी गई है। इतना ही नहीं, कई दुकानों में टीन शेड के बाहर पटाखों को रखकर बिक्री की जा रही है। लोगों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि जब संघ के अध्यक्ष स्वयं नियमों की अनदेखी कर रहे हैं तो बाकी दुकानदारों से पालन की उम्मीद कैसे की जाए। जबकि गाइडलाइन का पालन कराना स्वयं संघ की भी जिम्मेदारी है।
फायर टीम की जांच में खुली पोल
शनिवार को होमगार्ड कमांडेंट और फायर ऑफिसर अनिल वैद्य की टीम ने बाजार का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आईं।दुकानों के बीच 3 फीट का गैप नहीं, टीन शेड के बाहर पटाखों की बिक्री, रेत की पर्याप्त व्यवस्था नहीं, कुछ दुकानों में फायर सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भेजा गया पाया गया। फायर ऑफिसर अनिल वैद्य ने स्वीकार किया कि “निरीक्षण में कई अनियमितताएं मिली हैं। दुकानदारों द्वारा रेत तो रख दिया गया, लेकिन न तो दुकान के बीच का गैप सुधारा गया और न ही बाहर रखे पटाखों को अंदर किया गया।”
अधिकारी बोले—कार्यवाही करेंगे उच्च अधिकारी को लिखित रिपोर्ट दी जाएगी!
जब फायर ऑफिसर अनिल वैद्य से कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “उच्च अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी कार्यवाही जो भी है उनके द्वारा किया जाएगा, तीन फीट गैप कराने का प्रावधान है परंतु यहां का अध्यक्ष ही पहले तो इसका उल्लंघन कर रहा है बाकियों का क्या ही कहा जाए, पहले तो कार्यवाही उनपर ही होना चाहिए नियम के अनुसार।” वहीं, फायर प्रभारी कमांडेंट और एसडीएम से संपर्क की कोशिश की गई, पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। नाम न छापने की शर्त पर एक फायर विभाग के स्टाफ ने बताया कि हमारे लिए कोई व्यस्था नहीं की गई है, हम धूप में बैठे है जिसकी कोई व्यस्था नहीं की गई है हमारे लिए ना तो कोई स्टाल दिया गया है बैठने के लिए।
16 अक्टूबर से संचालित हैं दुकानें, सुरक्षा इंतज़ाम अधूरे
बताया जा रहा है कि स्टेडियम परिसर में करीब 110 दुकानें संचालित हैं। 16 अक्टूबर से दुकानों की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद भी अधिकांश दुकानदारों ने आवश्यक सुरक्षा इंतज़ाम पूरे नहीं किए हैं।
संघ अध्यक्ष बोले“खामियां हैं, ठीक कराने की कोशिश करेंगे, बरहाल कोशिश नाकामयाब”
संघ अध्यक्ष साजू खान ने स्वीकार किया कि “कुछ खामियां हैं, जिन्हें टेंट वालों से चर्चा कर सुधारा जाएगा।” हालांकि, दुकानें चार दिन से चालू हैं, फिर भी अब तक गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया है, जिससे प्रशासनिक और संघ अध्यक्ष की लापरवाही साफ झलक रही है।
भीड़ बढ़ने से बढ़ेगा खतरा
दीपावली नजदीक है और आने वाले दिन में पटाखा बाजारों में भीड़ बढ़ना तय है। सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी से किसी बड़े हादसे की आशंका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।




