छत्तीसगढ़

सूरजपुर में ढाई महीने बाद बेटे को मिला अंतिम संस्कार का अधिकार, DNA रिपोर्ट से खुला सच

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सूरजपुर। ढाई महीने की लंबी प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद आखिरकार एक माँ को अपने बेटे के अंतिम संस्कार का अधिकार मिल पाया। DNA रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक निगरानी में कब्र की खुदाई कर शव बाहर निकाला गया और विधि-विधान से अंतिम क्रिया की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, महुआपारा कोतवाली थाना क्षेत्र के निवासी किशन देवांगन का शव ढाई महीने पहले रिंग रोड किनारे एक कुएं से बरामद हुआ था। पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए गलत पहचान के आधार पर शव किसी अन्य परिवार को सौंप दिया, जिसने उसे दफना दिया। उधर, किशन की माँ श्यामा देवांगन अपने बेटे की तलाश में लगातार अधिकारियों के चक्कर काटती रहीं।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब मीडिया ने इसे प्रमुखता से उठाया। इसके बाद प्रशासन ने DNA जांच कराई, जिसमें शव की पहचान किशन देवांगन के रूप में पुष्टि हुई। SDM के निर्देश पर आज तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कर शव बाहर निकाला गया, ताकि परिजन अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर सकें।

इस मौके पर माँ श्यामा देवांगन ने मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि यदि मीडिया ने आवाज़ न उठाई होती, तो शायद उन्हें आज भी न्याय नहीं मिल पाता।

हालांकि, इस प्रकरण ने पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि DNA से पहचान की पुष्टि के बाद क्या पुलिस किशन देवांगन की मौत के कारणों की गंभीरता से जांच करेगी या मामला यहीं ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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