छत्तीसगढ़

बिजली का निजीकरण गरीब के घर का उजाला छीन लेगा

बिजली के निजी करण के विरोध मे अधिशासी अभियंता के समक्ष किसान सभा व माकपा का धरना/प्रदर्शन।

शिकारपुर । बिजली के निजीकरण के खिलाफ उत्तर प्रदेश किसान सभा व कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रदेशव्यापी आह्वान पर अधिशासी अभियंता विद्युत् वितरण खंड शिकारपुर के समक्ष प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव चंद्रपाल सिंह ने कहा कि भाजपा की योगी सरकार प्रदेश गरीबो के घर में अंधेरा करके पूंजीपतियों की दिवाली मनवाने के लिए बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।इसी के तहत स्मार्ट मीटर लगाने,लाइन लॉस को उपभोक्ताओं पर डालने, पीक अवर्स (बिजली की अधिक खपत की अवधि) मे बिजली की बढ़ी दर वसूलने, किसानों के बिल माफी के लिए नलकूपों पर मीटर लगवाने की शर्त थोपने, कर्मचारियों की स्थायी भर्ती बंद करने जैसे जनविरोधी निर्णय कर रही है। निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सलाहकार नियुक्त कर चुकी है।

चंद्रपाल सिंह ने कहा कि यदि भाजपा की योगी सरकार बिजली को निजी कम्पनियों को सौंपने मे सफल हुई तो किसान खेती नहीं कर पायेगा।आम उपभोक्ताओं को निजी कम्पनियाँ सरेआम लूटेंगी। गरीब के घर मे फिर से अंधेरा हो जायेगा। किसान नलकूप से खेती नहीं कर पाएंगे। गरीब दुकानदार व छोटा व्यापारी बर्बाद हो जायेगा। हजारों कर्मचारी,अधिकारी, निजी कम्पनी के बंधुआ मजदूर बन जाएंगे।

भाजपा ने धर्म के नाम पर हिन्दुओं के वोट लेकर सरकार बनाई। अब उन्ही की बिजली को सेठो को बेच कर तमाम धंधों को चौपट करने का षड्यंत्र कर रही है।

किसान सभा के मंडल सचिव जयभगवान शर्मा ने कहा कि बीजेपी की योगी सरकार कुम्भ मे हुई भगदड़ मे मरने वालों की संख्या तक को देश को नहीं बता रही है। धार्मिक उत्सवों का इस्तेमाल केवल वोट बटोरने व समाज मे नफ़रत फैलाने के लिए कर रही है। जिससे देश की एकता अखंडता को खतरा पैदा हो गया है। जनतन्त्र पर हमले जारी है। उन्होंने पश्चिमी जिलों से आये नेताओं से अपील की कि वे जनता की समस्याओ का समाधान करने मे विफल योगी सरकार के खिलाफ जनता को एकजुट कर आंदोलन को तेज करें । व संगठन को मजबूत बनाएं।

प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित मांगो का ज्ञापन अधिशासी /खंड अभियंता को सौंपा। जिसमे बिजली का निजीकरण रोकने,स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय को वापस लेने,नलकूपों पर लगाए मीटरों को हटाने, किसानो के बिजली बिल बिना शर्त माफ करने, पीक अवर्स के नाम पर बिजली की दरे बढ़ाने का षड्यंत्र बंद करने,आंदोलनरत बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करने, संविदा कर्मचारियों को विभागीय कर्मचारी घोषित करने, बिजली चोरी के नाम पर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बंद करने आदि मांगो को रखा गया।

अधिशासी अभियंता व नायब तहसीलदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर मांगो से सम्बन्धित ज्ञापन लिया। दोनो अधिकारियों ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री को भेजनें, व बिजली की स्थानीय समस्याओं के समाधान का अश्वासन दिया।

प्रदर्शन मे ,अर्जुन सिंह , वीरेंद्र लौर, गजेंद्र सिंह, मूलचंद त्यागी, तुंगल सिंह , सुभाष सिंह, ब्राह्मपाल सिंह,भोलू तेवतिया वीरपाल सिंह घनश्याम सिंह साबिर अली,फकीरा खा, मनोज , हरेंद्र सिंह , देवेंद्र सिंह महिपाल सिंह, समय सिंह, बंटी, हरवीर,शिव सिंह , आदि ने विचार व्यक्त किये। धरने का संचालन बच्चू सिह् व अध्यक्षता मांगेराम त्यागी ने की।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button